भागलपुर में गंगा अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने से तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी गर्ल्स हॉस्टल, टीएमबीयू के प्रशासनिक कैंपस, लालबाग कॉलोनी स्थित कुलपति आवास के गार्डन, प्रोवीसी आवास परिसर, हिन्दी विभागाध्यक्ष के आवास परिसर और पीजी गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन के आवास परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालांकि पीजी गर्ल्स हॉस्टल में बाढ़ का पानी गुरुवार को अधिक बढ़ जाने के कारण सभी छात्रओं ने कमरा खाली दूसरी जगह चली गई। 15-20 छात्राएं अब तक हॉस्टल में ही फसी हुई हैं। इन छात्राओं को कहीं दूसरी जगह कमरा नहीं मिला। ऐसी छात्राओं को टीएमबीयू प्रशासन लालबाग स्थित क्वार्टर में रहने की वैकल्पिक व्यवस्था बनायी है। शुक्रवार को इन छात्राओं को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इधर टीएमबीयू के प्रशासनिक भवन में गुरुवार को बाढ़ का पानी काफी तेजी से घुस गया। सीनेट हॉल, कैंटिन तक बाढ़ का पानी घुस चुा है। टीएमबीयू के पूर्वी गेट से आने वाले छात्र-छात्राओं को पानी में घुस कर प्रशासनिक भवन आना पड़ रहा है। उम्मीद जतायी जा रही है कि बाढ़ का पानी शुक्रवार तक अधिक न बढ़ जाए। इसके लिए टीएमबीयू प्रशासन भी तैयार है। अधिक पानी आने पर नाव का इंतजाम किया जाएगा।
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300 से अधिक छात्राओं ने होस्टल खाली किया
बाढ़ से पीड़ित पीजी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं में पूजा, जूही, निहारीका, शबनम, कोमल, राखी ने बताया कि गुरुवार को हॉस्टल में और भी अधिक पानी आ गया है। 300 से अधिक छात्रओं ने छात्रावास खाली कर दिया है। लेकिन हम लोग 15-20 छात्राएं है, जिन्हें दूसरी जगह कमरा नहीं मिल सका है। छात्राओं ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण काफी परेशानी हो रही है। हम लोगों को आने-जाने के साथ-साथ खाने-पीने की भी परेशानी हो गई है। छात्रावास की वार्डन डॉ. किरण सिंह ने बताया कि कुछ छात्राएं बची हुई। इसके रहने इंतजाम के लिए टीएमबीयू के डीएसडब्ल्यू को आवेदन दिया गया था। उन्होंने लालबाग स्थित पी-16 क्वार्ट अलॉर्ड किया है। छात्राओं को अब इसी क्वार्ट में शिफ्ट किया जाएगा।

टिल्हाकोठी बाढ़ पीड़ित शिविर में बिजली तो आयी, लेकिन अब तक शौचालय की व्यवस्था नहीं:
टिल्हाकोठी में बसे बाढ़ पीड़ितों के यहां बुधवार की रात 8 बजे प्रशासन की तरफ से बिजली की व्यवस्था तो हो गई है। लेकिन शौचालय की व्यवस्था अब तक नहीं हुई है। इससे बाढ़ पीड़ितों को काफी परेशानी हो रही है। दिलदारपुर के बाढ़ पीड़ित जितेन्द्र महत्तो, शोभा देवी, लखन महत्तो, कपिल देव महत्तो, शिव नाथ महत्तो आदि ने बताया कि शिविर में अब तक भोजन की व्यवस्था नहीं हुई। कई दिनों से बाढ़ पीड़ित किसी तरह से गुजारा कर रहे है।
