प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाह्यां आज दोपहर हैदराबाद हाउस में मुलाक़ात करने वाले हैं। इस मुलाक़ात में भारत-यूएई के बीच सिक्युरिटी, डिफेंस, आईटी सर्विस और हाईवे प्रोजेक्ट से संबंधित 16 से ज्यादा समझौतों पर सहमति बन सकती है। बताया जा रहा है कि इन समझौतों के तहत UAE भारत में करीब 5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने वाला है। गौरतलब है कि प्रिंस शेख मोहम्मद यूएई आर्म्ड फोर्सेस के डिप्टी सुप्रीम कमांडर हैं और भारत की 68th रिपब्लिक डे परेड में बतौर चीफ गेस्ट भी शामिल होने वाले हैं।

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किस-किस बारे में हो सकते हैं समझौता
बता दें कि सरकार ने अभी स्पष्ट नहीं किया है कि ये कौन- कौन से करार होंगे हालांकि UAE के इकोनॉमिक रिलेशन्स सेक्रेटरी अमर सिन्हा ने मीडिया को बताया है कि यूएई के साथ आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में डिफेंस और सिक्युरिटी से जुड़े अहम समझौतों पर इस मीटिंग में मुहर लग जाएगी। उनके मुताबिक हैदराबाद हाउस में डेलिगेशन टॉक से पहले पीएम और क्राउन प्रिंस के बीच पीएम आवास पर मीटिंग होगी और दोनों नेता रीजनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर बात करेंगे।
UAE का कहना है कि उन्हें भारत में नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड (NIIF) के लिए एमओयू साइन होने की उम्मीद है। इसके आलावा एनर्जी को-ऑपरेशन के लिए यूएई ने भारत के साथ स्ट्रैटजिक पार्टनर बनने का फैसला किया है। वह इसके लिए भारत में इन्वेस्टमेंट भी करेगा। दोनों देशों के बीच पाइरेसी, सिविल न्यूक्लियर सेक्टर, आईटी सर्विस और 5 से 6 प्रोजेक्ट हाईवे प्रोजेक्ट भी इसमें शामिल हैं। भारत और यूएई अपने डिप्लोमैट्स के लिए फ्री वीजा ट्रैवल और स्पेशल पासपोर्ट की फैसिलिटी को लेकर काम कर रहे हैं।

दाउद पर कसेगा शिकंजा!

गौरतलब है कि मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम के खिलाफ एक्शन के सवाल पर सिन्हा ने कुछ भी साफ़-साफ़ कहने से फिलहाल इनकार कर दिया है। सिन्हा ने कहा कि यूएई ने कभी भारत से आईएस के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए नहीं कहा। लेकिन दोनों देश खुफिया जानकारियां शेयर करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कंधार के आतंकी हमले में मारे गए यूएई के कई डिप्लोमैट्स के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच बात हो सकती है। वहीं, विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने कहा कि हम खास मुद्दों पर फिलहाल कमेंट नहीं कर सकते हैं।
बता दें कि 2015 में मोदी के यूएई दौरे पर दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए थे। इसमें हवाला कारोबार रोकने और जानकारियां साझा करने पर सहमति बनी थी। 34 साल बाद भारत के किसी पीएम ने यूएई का दौरा किया था। इसे भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना गया था। इसके बाद खबर आई थी कि यूएई सरकार ने दाऊद की 15 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त कर ली। कहा जाता है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद फिलहाल पाकिस्तान के कराची में छिपा है। उसे 1993 में मुंबई बम विस्फोट के लिए जिम्मेदार बताया जाता है।

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By Rishav Mishra Krishna

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