भागलपुर में चोरी किए गए बाइक्स के पार्ट्स से तीन पहिए वाली जुगाड गाड़ियों का निर्माण होता है। शातिर उन गाड़ियों का ठिकाना इतनी सफाई से लगाते है। जिसको पकड़ना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो जाता है। शहर के अलग अलग इलाकों से चोर बाइक्स को चोरी कर गैराजो तक पहुंचाते है।
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फिर गैराज के नाम पर चोरी के गाड़ी का ठिकाना लगाने वाले हुनरबाज,उन बाइक्स के पूरे पार्ट्स को अलग अलग कर देते है। फिर अनेक बाइक्स के पार्ट्स को मिलाकर एक तीन पहिए की जुगाड गाड़ी बनाते है। जिससे कोई सबूत ही नही बच पाता की चोरी की बाइक कहां गई। ये बात पुलिस के छानबीन में तब सामने आई,जब पुलिस ने लवकुश नाम के चोर को चोरी के बाइक के साथ पकड़ा।
पूर्णिया के गैराज में बन रहे थे जुगाड़ गाड़ी

लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी गौरव कुमार ने बताया कि जिले में बाइक चोरी की खूब घटनाएं सामने आ रही थी। जिसके बाद पुलिस पूरी तरह इस मामले को लेकर चौकन्ना हो गई थीं। इसी क्रम में हमलोग ने छापेमारी किया। सबौर थाना क्षेत्र में लवकुश कुमार को चोरी के बाइक के साथ गिरफ्तार किया। हमने पूछताछ के दौरान सुबोध कुमार और संदीप कुमार को गिरफ्तार किया। हमने जब ये पता लगाने कि कोशिश किया कि ये लोग चोरी के बाइक्स को कहां ठिकाने लगाते है।
तब बाइक्स को डिस्पोज करने वाले कुंदन कुमार का नाम सामने आया। जो पूर्णिया में एक गैराज चला रहा था। कुंदन के पास से एक चोरी की अपाचे बाइक और एक अर्धनिर्मित जुगाड गाड़ी मिली है। डीएसपी गौरव कुमार ने बताया कि कुंदन चोरी किए गए बाइक्स को खरीदता था। उसके बाद बाइक के सारे पार्ट्स को अलग अलग कर देता था। फिर दो तीन बाइक्स के अलग अलग पार्ट्स को मिलाकर एक जुगाड गाड़ी बना देता था। जिसके बाद उसे पेंट कर मार्केट में बेचता था।
ज्यादा पैसे के लिए युवक करते हैं बाइक चोरी
इन बाइक्स चोरी की घटनाओं में ज्यादातर 18 से 25 साल के युवकों की भागीदारी होती है। डीएसपी गौरव कुमार की माने तो ये युवक कम समय और काम मेहनत में ज्यादा पैसे कमाने के लिए,चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त हो जाते है।
उन्होंने बताया कि इनके द्वारा चोरी किए गए बाइक को जल्द डिस्पोज करने वाले गैराज पनप रहे है। जिसकी वजह से ये चोरी काफी तेजी से बढ़ रही है। हमलोग ऐसे गैरजो को जल्द चिन्हित कर बंद करवाएंगे। गाड़ियों के डिस्पोज कम जायेंगे तो खुद चोरी की घटनाएं कम हो जाएंगी।
