नवगछिया। नवगछिया के रंगरा, गोपालपुर, बिहपुर, इस्माईलपुर सहित आसपास के सीमावर्ती जिला को नवगछिया बाजार से जोड़ने वाली मकंदपुर नवगछिया सड़क पर थाना चौक के पास वर्षों से लंबित ओवरब्रिज के निर्माण कार्य शुरू होने से इलाके के लोगों में खुशी की लहर है। लोगों को लगता है कि अब समपार पर घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा साथ ही साथ दुर्घटना से लोगों की जान बेचेगी। वहीं लोगों को न्यायालय, कार्यालय जाने में आसानी होगी।
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2013 में रेलवे ने समपार के लिए दिए सात करोड़ फिर भी निर्माण अधर में :
बरौनी कटिहार रेल खंड के नवगछिया कटरिया रेलवे स्टेशन के बीच नवगछिया थाना चौक से सटे समपार पर रेलवे ओवरब्रिज के लिए वर्ष 2013 में ही रेलवे के द्वारा सात करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था, जिसमें निविदा प्रकिया होने बाद 2014 में कार्य शुरू हुआ जिसे तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य भी था। समपार के दोनों तरफ दो-दो पाया बनाया गया। इसके बाद तकनीकी कारणों से रेलवे का कार्य बंद हो गया और बिहार सरकार से प्राक्कलन की राशि स्वीकृत नहीं दिए जाने से यह ओवरब्रिज अधर में लटक गया।
आरओबी के लिए कई बार हुए धरना-प्रदर्शन :
आरओबी के लिए स्थानीय नेताओं पूर्व सांसद अनिल यादव, जिला अध्यक्ष विनोद मंडल, भाजपा नेता मुकेश राणा के द्वारा धरना प्रदर्शन भी किया गया। संबंधित बिहार सरकार के मंत्री को ज्ञापन भी दिया गया। चुनाव के दौरान उम्मीदवारों ने इसे शुरू कराने का वादा किया लेकिन चुनाव बाद सभी ठंडे बस्ते में चला गया। पड़ गए। पिछली सरकार में रेलवे लाइन विद्युतीकरण कार्य के कारण इसके डीपीआर में तब्दीली करनी पड़ी। इसके बाद बिहार सरकार ने कुल लागत लगभग 42 करोड़ रुपये में 31 करोड़ रुपये आवंटन करते हुए ओवरब्रिज निर्माण की निविदा प्रकिया पूरा कराते हुए कार्य शुरू कराया गया।

समपार पर जाम से परेशानी, हादसे भी होते हैं
थाना चौक स्थित समपार पर जाम में लोग घंटों फंस जाते हैं। जाम के कारण आमजनों सहित स्कूली बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं सरकारी कार्यालयों में भी कई बार पदाधिकारी कर्मचारी इस जाम के कारण समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। कभी-कभी तो नवगछिया अस्पताल से गंभीर रूप से घायल लोगों को इस समपार पर घंटों जाम में रहना पड़ा है और अस्पताल समय पर नहीं पहुंचने के कारण उनकी मौत भी हो जाती है। रेलवे के रैक लगने पर यह समस्या लगभग रोजाना हो जाती है।
संस्कृत विद्यालय में बना कंपनी का प्लांट
बिहार सरकार के द्वारा सितंबर 2021 में 31 करोड़ 92 लाख की स्वीकृति मिलने के बाद इस कार्य की निविदा प्रकिया निकाली गई। इसके बाद निविदा प्रकिया पूरी कराने के बाद इस वर्ष यह कार्य भागलपुर के मिश्रा प्राइवेट कम्पनी को कार्य आवंटन किया गया। कंपनी के द्वारा नवगछिया थाना से सटे संस्कृत विद्यालय के पूरे परिसर को कंपनी का प्लांट बनाया गया है। जहां मजदूरों के रहने के लिए अस्थायी शेड विद्यालय के मैदान में बनाया गया है। वहीं विद्यालय के बाहर और अंदर ओवरब्रिज निर्माण की सामग्री स्टोर की गई है और निर्माण के पहले चरण में सर्विस रोड के लिए मिट्टी वर्क किया जा रहा है।
नवगछिया एसडीओ उत्तम कुमार ने बताया कि विद्यालय के परिसर में प्लांट बनाया गया है। यह आदेश लिया गया है कि नहीं जांच करवाएंगे। वहीं कंपनी के इंजीनियर से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
