मुजफ्फरपुर से हनीट्रैप का मामला सामने आने के बाद पुलिस अलर्ट है। पाकिस्तानी ISI महिला एजेंट ने गिरफ्तार सरकारी कर्मी रवि चौरसिया को खुद को कर्नल की बेटी बताकर अपने जाल फंसाया। फिर, NDA मे जाने की बात कहकर गोपनीय जानकारी लेने लगी।
मामले मे रवि चौरसिया ने पुलिस को बताया कि जब वह भारी वाहन निर्माण कारखाना, अवाडी, चेन्नई (रक्षा मंत्रालय) में लिपिक के पद पर कार्यरत था, उसी समय उसके मोबाइल के वॉट्सऐप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाली ने अपना नाम ‘शान्वी शर्मा’ बताया। फिर, फेसबुक और वॉट्सऐप के माध्यम से उससे लगातार बातचीत करने लगी।
इस बीच उसने कहा कि उसके पिताजी सेना में कर्नल से रिटायर्ड हैं। उसको भी एनडीए की तैयारी कर सेना में जाना है। तुम सेना की फैक्ट्री में हो, तुम जो करते हो, या जो कागजात बनाते हो उसको भेजो।

इससे उसकी तैयारी में मदद मिलेगी। लेकिन, पुलिस का कहना है कि रवि चौरसिया महिला ISI एजेंट से सूचना भेजने के एवज में पैसे भी लेता था। वह महिला एजेंट सह हैंडलर थी।
पुलिस की माने तो आरोपी को इसका पता लग चुका था। बावजूद इसके वह पैसे के लालच में खुफिया जानकारी उपलब्ध कराता था।
6 सितंबर को कटरा में लिपिक बना, नवंबर में की शादी
रवि चौरसिया की गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद उसकी मां और पत्नी भी कोर्ट परिसर पहुंची थी। बेटे के हाथ में हथकड़ी देखकर उसकी मां के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। रवि चौरसिया की मां का कहना था कि बीते महीने 28 नवंबर को ही उसके बेटे की शादी हुई थी।
उसका बेटा बेकसूर है। उसे हनीट्रैप में फंसाया गया है। साल 2018 में वह चेन्नई में लिपिक के पद पर कार्यरत था। फिर, 6 सितंबर 2022 को उसने कटरा रजिस्ट्री कार्यालय में लिपिक के पद पर जॉइनिंग की थी। इसके बाद उसकी शादी हुई।
पाकिस्तानी ISI एजेंट को भारत के सरकारी दफ्तरों के दस्तावेजों की गोपनीय जानकारी देने वाले बाबू (लिपिक) को गिरफ्तार किया गया। वह मुजफ्फरपुर के कटरा रजिस्ट्री ऑफिस में काम करता है। इसके पहले वह अवाडी चेन्नई (रक्षा मंत्रालय) में लिपिक के पद पर था। उसे ISI ने हनीट्रैप में फंसाया था।
आरोपी की पहचान मुंगेर जिला के ईस्ट जमालपुर थाना के नया गांव विषहरी के रवि चौरसिया के रूप में की गई। उसके पास से एक मोबाइल भी जब्त किया गया। इसमें वॉटसऐप और ईमेल खंगालने पर पुलिस को उसकी करतूतों का पता लगा

