नवगछिया : नवगछिया के गंगा प्रसाद झील सहित अन्य झीलों के पास मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के द्वारा पक्षियों को रिंग पहनाने का कार्य किया जाएगा। यह जानकारी गुरुवार को मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के सहायक निदेशक पी सत्य सेलवम ने स्थानीय पक्षी विशेषज्ञ अरविंद मिश्रा के साथ कहीं। उन्होंने कहा कि पक्षियों की गणना को लेकर रिंग पहनाने का कार्य जरूरी है। हम लोग इसके लिए भागलपुर में शुरुआत कर चुके हैं।
नवगछिया सहित अन्य इलाकों में जैसे गंगा प्रसाद झील डिमहा, बोचाही, तिनटंगा आदि जगहों पर पक्षियों का सर्वेक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया है। सहायक निदेशक पी सत्य सेलवम ने कहा कि जिस तरह से यहां पर पक्षियों की ठहराव है, इसलिए यहां से कार्य करना शुरू करना जरूरी है। यहां पर नए साल के मौके पर जनवरी की शुरुआत में यह कार्य प्रारंभ होगा।
दुर्लभ पक्षियों की बहुतायत है यहां :
उन्होंने कहा कि यहां पर दुर्लभ से दुर्लभ पक्षियों दिख रहे हैं जिसमें लोहसारंग सहित यूरेशियन केस्ट्रेल, खेरमूतिया, कॉमन ग्रीनशेंक (बड़ा टिमटिमा), लौह सारंग, कुस्या चाहा, रड्डीशेलडक, (चकवा, सुर्खाब), पनलौबा, तीरंदाज, छोटी सिल्हि, बड़ी सिल्हि, शिवा डुबडुबी, व्हाईट आईड पोचार्ड स्थानीय व प्रवासी पक्षी है। इस मौके पर रिसर्च और खुशबू रानी, राहुल कुमार नवगछिया वन विभाग के रेंज पदाधिकारी पृथ्वीनाथ सिंह अमन कुमार आदि लोग थे।


