महर्षि मेंही परमहंस संत मत की परंपरा के संत थे। 20 वीं शताब्दी के उत्तर भारत सन्त पंरपरा के सबसे महान संत थे। 1934 ई में उन्होंने कुप्पा घाट के गुफा में कठोर साधना कर आत्मज्ञान को प्राप्त किया था।

सनातन परंपरा में विभिन्न मत पंथ चल रहे थे, जिसमें अपने को विशेष और दूसरे को निम्न कहते थे। उन्होंने सभी ग्रन्थों को अध्ययन कर बाहरी व पंथाई भावों को हटाकर सार विचारों को ग्रहण करने सभी को सिखाये थे।

भागलपुर का कुप्पा घाट सभी आश्रम का मुख्य केंद्र है। आमतौर पर परमहंस को गुरुमहाराज के नाम से जाना जाता था। वे अखिल भारतीय संतमत सत्संग के भी गुरु थे। उन्होंने मोक्ष पाने का एक आसान तरीका बताया। उन्होंने बताया था कि सत्संग और ध्यान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

गुफा में होते थे ध्यान मग्न

परमहंस जी महाराज कुप्पा घाट में बने गुफा में ध्यान मग्न होते थे। गुफा को लेकर कई बातें बताई जाती है। ऐसा मानना है कि ये गुफा पौराणिक है। इसका जिक्र महाभारत में भी किया गया है। ये गुफा कई जगहों पर निकलती है। महाभारत में युद्ध में भी इस गुफा के माध्यम से सेना का आना जाना होता है।

कई हस्तियां पहुंच चुके हैं कुप्पा घाट

देश के कई नामचीन हस्ती परमहंस जी महाराज के दर्शन को पहुंच चुके हैं। इनके दर्शन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, कवि रामधारी सिंह दिनकर, लालू यादव, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई नाम चीन हस्ती उनके दर्शन के लिए कुप्पा घाट आ चुके हैं।

1980 में भी आ चुके हैं आरएसएस प्रमुख

पूर्व में भी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत 1980 में कुप्पा घाट पहुंच चुके हैं। उस समय संघ के क्षेत्रीय प्रचारक थे। गुफा को भी उन्होंने देखा था। उन्होंने स्वंय आने की इक्छा जाहिर की है।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *