नवगछिया के माखाताकिया निवासी ऑटो चालक की पीट-पीटकर और गला दबा कर हत्या कर दी गयी। रविवार की सुबह युवक का शव गोशाला के पीछे खेत की आड़ पर पड़ा हुआ मिला। मृतक के नाक और सिर से खून बह रहा था। उसकी आंख भी फोड़ दी गई थी। थोड़ी दूर पर खेत में एक टूटा डंडा रखा हुआ था जिस पर खून लगा हुआ था। घटनास्थल से थोड़ी दूर पर मृतक का ऑटो लगा हुआ था। सूचना पर नवगछिया थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर भारत भूषण पुलिस बलों के साथ घटनास्थल पर पहुचे और जांच-पड़ताल की।
माखाताकिया निवासी अंकुश कुमार (18 वर्ष) पिता सुबोध सिंह ऑटो चलाकर परिवार का पालन करता था। उसके परिजनों ने बताया कि शनिवार की शाम वह ऑटो लेकर निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन रात से ही उसकी तलाश कर रहे थे। शव मिलने की सूचना पर घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। शव को देखकर लोग आक्रोशित हो गए। मृतक के परिजन मोबाइल को लेकर हत्या का आरोप लगा रहे थे।
आक्रोशित महिलाओं ने शव उठाने से रोका
शव उठाने के दौरान महिलाओं ने जोरदार विरोध किया कहा कि जब तक एसपी आकर अपराधियों को पकड़ने की लिखकर नहीं देते, तब तक लाश नहीं उठने देंगे। महिलाओं ने कहा कि डायल 112 रात भर क्या करती है। स्थानीय नेता उपसभपति प्रतिनिधि प्रमोद यादव ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। एसडीपीओ दिलीप कुमार ने भी महिलाओं को समझने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं गाड़ी के सामने आकर खड़ी हो गईं। बाद में समाजसेवी सह नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव ने आक्रोशित महिलाओं को समझाकर शांत कराया और शव कों पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

महिलाओ ने शव रखकर किया जाम
बाद में महिलाओं ने शव को लेकर अनुमंडल अस्पताल के पास सड़क को जाम किया। जाम लगभग 40 मिनट रहा। बाद में मृतक के पिता के समझाने के बाद जाम हटाया गया।
ऑटो में गिरे मोबाइल को लेकर जान मारने की दी थी धमकी
मृतक के बड़े भाई सन्नी ने बताया कि दो दिन पहले महाराज जी चौक से एक महिला और युवक बैठकर मिल्की गए थे। महिला का मोबाइल ऑटो में पीछे गिर गया था। महिला ने अंकुश पर मोबाइल लेने का आरोप लगाया था। सन्नी ने बताया कि महिला के कहने पर एक युवक ने उसके भाई को ऑटो सहित पकड़कर घर पर रखा था। वहां जाकर वह भाई को छुड़ाकर लाया था। उसके बाद रात में घर आकर फिर धमकी दी थी। महिला ने कहा था कि मोबाइल नहीं देगा तो अंजाम बुरा होगा।
सीसीटीवी में ऑटो पर जाते दिखी महिला
हंगामे के बाद एसडीपीओ और थानाध्यक्ष ने घटनास्थल तक जाने वाले रास्ते में लगा सीसीटीवी फुटेज खंगाला। जिसमें शनिवार की शाम 7.58 बजे ऑटो जाता दिखा जिसमे एक महिला बैठी थी और युवक भी था। पुलिस ऑटो में बैठी महिला के विषय में पता कर रही है।
दाह संस्कार के नहीं थे पैसे, फूट-फूटकर रो रहा था पिता
मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी। मृतक ही ऑटो से कमाकर परिवार चलाता था। कर्ज लेकर ऑटो निकाला था। घटना के बाद दाह संस्कार ले लिए पैसे नहीं रहने पर पिता फूट-फूटकर रोने लगा। इसके बाद समाजसेवी डब्लू यादव ने उसे दाह से संस्कार के लिए पैसे दिए।
एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि महिला के मोबाइल गायब होने के बाद धमकी देने की बात परिजन बता रहे हैं लेकिन अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।

