नवगछिया : बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के निदेशक बी कार्तिकेय धनजी ने बुधवार को जिले के अलग-अलग स्कूलों और शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जहां-जहां अनियमितताएं पाईं वहां के प्रधानाध्यापकों व प्रधानाचार्यों को उसमें तत्काल सुधार लाने की हिदायत भी दी। बीईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक ने राजकीय कन्या उच्च विद्यालय से अपने निरीक्षण की शुरुआत की। इस क्रम में उन्होंने जिले के अलग-अलग प्रखंडों के कुल नौ स्कूलों का निरीक्षण किया। अधिकांश जगहों पर साफ-सफाई और जर्जर भवनों को तोड़ने की हिदायत दी। कस्तूरबा गांधी विद्यालय साहू परबत्ता, खरीक हाई स्कूल और भ्रमरपुर के ललित नारायण मिथिला हाई स्कूल भी पहुंचे।
नौ बजे से ही फील्ड में उतर गए निदेशक
सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर निदेशक राजकीय कन्या उच्च विद्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बच्चों की कम उपस्थिति के प्रति असंतोष जताया। वहां मौजूद छात्राओं में से शमां खातून से उन्होंने स्कूल देरी से आने का कारण जाना और आगे से समय पर स्कूल आने की सलाह दी। स्कूल के पिछले हिस्से में उग आये जंगलों को उन्होंने तत्काल साफ कराने का निर्देश प्रधानाध्यापक को दिया। इसके कार्यालय और कक्षा भवन का निरीक्षण कर निदेशक वहां से जिला स्कूल निकल गए। 9
बजकर 40 मिनट पर निदेशक जिला स्कूल पहुंचे। यहां आईसीटी लैब, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब का निरीक्षण किया साथ उसे और अपग्रेड करने की सलाह जिला स्कूल की प्रधानाध्यापक को दिया। इसके बाद स्कूल के दोनों तरफ जर्जर भवनों का भी उन्होंने मुआयना किया।

निरीक्षण में साथ रहे एसएसए के डीपीओ जमाल मुस्तफा को उन्होंने तत्काल नगर निगम से जेसीबी मंगाकर जर्जर भवनों को तोड़वाने का काम शुरू कराने को कहा। निगम की जेसीबी के कहीं और होने के कारण निजी एजेंसी से किराये पर जेसीबी लेकर काम कराए जाने की बात तय हुई। इसके अलावा सभी स्कूलों में उन्होंने साफ-सफाई समेत अन्य आधारभूत संरचना को विकसित करने का निर्देश दिया।

