बिहपुर । प्रखंड के गंगा और कोसी दियारा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन से तटबंधों पर बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर उपजाऊ जमीन के बर्बाद होने से किसान आहत हैं।
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माफिया ने यहां 15 से 25 फीट तक मिट्टी खनन कर लिया है। सरकार हर वर्ष इन तटबंधों की मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। कोसी के तटबंध त्रिमुहान घाट के समीप हर दिन हजारों ट्रक मिट्टी का खनन किया जा रहा है। जिस गुआरीडीह के संरक्षण के लिए माननीय मुख्यमंत्री बिहपुर आए। वहां भी खनन किया जा रहा है। सोनवर्षा गंगा जमींदारी बांध के समीप भी खनन किया जा रहा है। चर्चित नरकटिया तटबंध के समीप भी भारी मात्रा में मिट्टी का खनन किया जा रहा है।
इन तटबंधों के समीप हुए खड्डों में अब तक डूबने से कई जानें भी जा चुकी है। खनन माफिया के बढ़े मनोबल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की दिन के उजाले में भी सैंकड़ो मिट्टी से लदे हाइवा, ट्रक, ट्रैक्टर आदि लेकर दौड़ते रहते हैं, लेकिन इन पर कोई रोक-टोक नहीं है। इस संबंध में खनन इंस्पेक्टर मन्नू महेश ने बताया कि वरीय पदाधिकारी से बात करें। नवगछिया एसडीओ धीरेंद्र कुमार ने कहा कि खनन विभाग से सम्पर्क किया जाना चाहिए।

अंचलाधिकारी लवकुश कुमार ने कहा कि कोई शिकायत का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। बाबजूद इसके जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी। जिला खनन पदाधिकारी केशव कुमार ने कहा कि यह खनन अवैध है। बहुत जल्द कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि खनन माफिया मिट्टी को बड़े पैमाने पर ईट-भट्ठे में, सड़क में, नए मकान में काफी ऊंचे दाम पर बेचते हैं।
