नवगछिया : लोक आस्था का महापर्व चैती छठ की शुरूआत आज से नहाय खाय के साथ हो गई है। इसे लेकर घरों के साथ-साथ घाटों को भी सजाने संवारने का कार्य शूरू हो चुका है। सुबह से ही गंगा के घाटों पर छठ व्रतियों की भीड़ लगी हुई है।
चार दिनों तक चलने वाली व्रत शुरू होते ही छठ व्रतियों ने गंगा में स्नान किया। उन्होंने बताया कि नहाय खाय के दिन से ही व्रत की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान छठ व्रतियां सबसे पहले गंगा के घाटों पर स्नान करती है और फिर घर जा कर खाना बनाती हैं।

लोक आस्था का यह महापर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहली बार चैत्र में और दूसरी बार कार्तिक मास में। यह पर्व चार दिनों का होता है। पहला दिन नहाय खाय के रूप में मनाया जाता है। तो वहीं दूसरे दिन खरना होता है। इस दिन व्रती दिनभर उपवास कर शाम में सूर्यास्त के बाद भगवान को रोटी-खीर सहित अन्य चीजें अर्पित करतीं हैं। उसके अगले दिन व्रतियों द्वारा अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। और अंतिम दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस महापर्व का समापन होता है।


