केंद्र सरकार का अब निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों पर चला “स्वयं” का डंडा। स्वयं के प्रशिक्षण के बिना आप नही पढ़ा सकते। अगर आप स्वयं को मजाक समझ रहे हैं तो आपकी सेवा समाप्त हो जाएगी। स्वयं से प्रशिक्षण का फर्मान मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया है।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

आपको बता दें कि मंत्रालय द्वारा भेजी गई चिट्ठी बिहार शिक्षा परियोजना को प्राप्त हो चुकी है। राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर हर हाल में इसे लागू करने का निर्देश दिया है। डीईओ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी अप्रशिक्षित शिक्षक जो सरकारी या निजी विद्यालय में कार्यरत हैं, उन्हें 31 मार्च 2019 तक डीएलएड कोर्स के अंतर्गत प्रशिक्षित होना अनिवार्य है।

इन विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए एनआईओएस के माध्यम से एवं एमएचआरडी “स्वयं” प्लेटफॉर्म के द्वारा 18 महीने के ऑनलाइन कोर्स के तहत प्रशिक्षित होना होगा। स्वयं एक आसान प्रक्रिया है जिसके तहत प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। तय अवधि के अंतर्गत स्वयं के माध्यम से जो शिक्षक या शिक्षिका निर्धारित अवधि में कोर्स नहीं कर सकेंगे उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet