राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है. उन्होंने राज्य के 12वीं पास छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड देने के लिए बगैर आधार और पैन के भी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड देने का फैसला किया है. इसके अलावे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के ऑन लाइन आवेदन प्रारूप को अब आठ पन्नों से घटाकर तीन पन्ने का करने का भी फैसला लिया है
शिक्षा मंत्री के बैठक के बाद यह सहमती बनी कि इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जा सके इसके अलावे आवेदकों को कोई परेशानी न हो आधार पंजीयन और पैन कार्ड देने की अनिवार्यता को समाप्त करने का फैसला लिया इसके बदले आवेदक अपनी सुविधा अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कभी भी निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर जा सकते हैं.
सीएम के सात निश्चय में एक गरीब मेधावी छत्रों को 12वीं पास छात्रों को आगे की पढ़ाई लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड देने का योजना बना जो पिछले साल अक्टूबर में योजना बना. इसमें कुल 10,620 आवेदन प्राप्त हुए 5,995 छात्रों द्वारा जमा कराए गए दस्तावेजों के आधार पर 5,417 आवेदनों का थर्ड पार्टी द्वारा सत्यापन कराया गया जबकि इसमें 26 आवेदन अमान्य घोषित कर दिया गया. गौर करने वाली बात यहाँ है की थर्ड पार्टी द्वारा स्त्य्पित आवेदनों में बैंकों ने 1,560 लोगों के आवेदनों को स्वीकृति दी है जिसमे 717 छात्रों को अब तक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिल चूका है.


