भागलपुर दुमका रेलखंड पर सोमवार को एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना टल गई। बांका से भागलपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन पुरैनी से गुजर रही थी। इसी दौरान एक जेसीबी को उसके चालक अवैध तरीक़े से रेल पटरी पार करा रहे थे। रेलवे ट्रैक पर दूर से ही जेसीबी को देख ट्रेन के ड्राइवर ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगायी।
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ट्रेन रुक गई, वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। घटना दिन के लगभग 11.30 बजे की है। भागलपुर-दुमका रेलखंड पर पुरैनी के पास पहले से पटरी मरम्मत का काम चल रहा था। इसकी वजह से ट्रेनें स्पीड काउशन में थी। इसलिए इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद ट्रेन ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाई। पीडब्ल्यूआई इंजीनियर केके राय ने बताया कि ड्राइवर को दूर से ही ट्रैक पर जेसीबी दिख गई थी। इसलिए उन्होंने ब्रेक लगा दी।
उन्होंने बताया कि ट्रैक में कोई दिक्कत नहीं थी। लाइन देखने के बाद ट्रेन आगे बढ़ायी गई। उन्होंने यह भी बताया कि घटनाक्रम के बारे में आरपीएफ को मेमो दिया गया है। जेसीबी चालक पर आरपीएफ के स्तर से कार्रवाई होगी। हालांकि शाम तक किसी जेसीबी चालक के विरुद्ध आरपीएफ के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि अभी तक उनके पास पीडब्ल्यूआई के स्तर कोई पेपर नहीं मिला है। पेपर मिलने के बाद छानबीन की जाएगी।

गार्ड ड्राइवर ने लिखकर दिया पटरी में कुछ गड़बड़ी दिखी
चलती ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोके जाने को लेकर पीडब्ल्यूआई और ऑपरेटिंग विभाग दोनों के स्तर से अलग-अलग तरह की बातें बतायी जा रही हैं। पीडब्ल्यूआई सेक्शन के इंजीनियर ने बताया कि ट्रैक पर अवैध तरीके से जेसीबी पार करायी जा रही थी। ड्राइवर ने जेसीबी देखकर ब्रेक लगा दी। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैक में कहीं कोई दिक्कत नहीं आयी थी।
लेकिन गार्ड और ड्राइवर ने भागलपुर स्टेशन में जो लिखित जानकारी दी है, उसमें 25 मिनट ट्रेन रोकने की बात तो कही गई है लेकिन वजह दूसरी बतायी जा रही है। बकौल स्टेशन अधीक्षक ओंकार प्रसाद रिपोर्ट में जेसीबी की बात नहीं लिखी गई है। अलबत्ता गार्ड ड्राइवर की ज्वाइंट रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दूर से ही पटरी में कुछ गड़बड़ी दिखी। ऐसा लगा कि पटरी टेढ़ा-मेढ़ा है। इसलिए ट्रेन रोक दी गई। ट्रेन ज्यादा स्पीड में नहीं थी इसलिए तुरंत रुक भी गई। वहां काम कर रहे लाइन मैन ने जाकर पटरी की जांच की और सब ठीक ठाक कर दिया तब ट्रेन आगे बढ़ी।

