भागलपुर एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू करने के लिए रनवे का पुर्ननिर्माण किया जाएगा। इसमें दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। परिसर में लाउंज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। रैंप और लाउंज के निर्माण में 48 लाख 63 हजार रुपये खर्च होंगे। लाउंज में यात्रियों के ठहरने के लिए दो कमरे बनाए जाएंगे। एक कमरा आम यात्री जबकि दूसरा कमरा वीआइपी के लिए होगा। इसके अलावे एक छोटे कमरे, दो बाथरूम व बरामदे का भी निर्माण होगा।

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बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के उप महाप्रबंधक विनोद चौधरी ने बताया कि अगले साल की शुरुआत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। चारदीवारी की मजबूती का काम शुरू हो चुका है। क्षतिग्रस्त दीवारों का नए सिरे से निर्माण होगा। इस पर 98 लाख 21 हजार रुपये खर्च होंगे। 88 लाख का टेंडर फाइनल हो चुका है।

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प्राक्कलन को भेजा स्वीकृति के लिए

हवाई अड्डे पर रनवे के पुनर्निर्माण के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर भवन निर्माण विभाग कार्य प्रमंडल, भागलपुर ने प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। स्वीकृत किए जाते ही टेंडर निकाला जाएगा। टेंडर फाइनल होने के साथ ही रनवे को नए सिरे से बनाए जाने का काम शुरू हो जाएगा।

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जहाज उतरने लायक नहीं रहा रनवे

फिलहाल रनवे की हालत ठीक नहीं है। निर्माण के चार साल के अंदर ही ऊपरी सतह खराब हो चुकी है। लिहाजा इसपर जहाज नहीं उतारा जा सकता।

दरअसल, हवाई अड्डे की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण आस-पास के लोगों ने इसे रेस का मैदान बना दिया है। हवाई अड्डा के दक्षिण स्थित मोहल्लेवासियों के लिए तो यह आम रास्ता हो गया है। मजे की बात यह कि पशुओं के लिए हवाई अड्डा चरागाह बना हुआ है।

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डीएम ने प्रमंडलीय आयुक्त को भेजा था प्रस्ताव

डीएम आदेश तितरमारे ने सरकार को प्रस्ताव भेजा

है उसमें कहा गया है कि शहर में तेजी से आर्थिक विकास करने के लिए हवाई यातायात का विकास होना जरूरी है। इसके लिए हवाई अड्डा का विकास करना महत्वपूर्ण कदम होगा। स्मार्ट सिटी के अरली वर्ड (प्रथम एक साल में पूरी होने वाली योजना) कार्यक्त्रम में हवाई अड्डा के विकास की स्वीकृति दी जा सकती है। डीएम ने हवाई अड्डा में पार्किंग की व्यवस्था करने, नियंत्रण कक्ष सह टर्मिनल भवन बनाने, चारदीवारी एवं फिनिशिग का निर्माण और हवाई अड्डा पर सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव दिया है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कंपनी के सीओ सह नगर आयुक्त को डीएम के प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

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शहर का विकास होगा

हवाई सेवा शुरू होने से शहर का विकास होगा। सिल्क का कारोबार बढ़ेगा। बाजार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। वायु सेवा शुरू होने से सिल्क कारोबार से जुड़े लोगों के अलावा पर्यटक भी भागलपुर आएंगे। पर्यटक और कारोबारी यहा आकर होटलों में ठहरेंगे। नौका विहार करेंगे। सबका असर यहा के कारोबार पर पड़ेगा।

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टर्मिनल का नक्शा तैयार

उपमहाप्रबंधक ने बताया कि नक्शा (वास्तुविदीय नक्शा) तैयार कर सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। नक्शा में भागलपुर हवाई अड्डे पर चार छोटे विमान को एक साथ पार्किंग करने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों के सामानों की जांच के लिए सुरक्षा लाउंज बनाया जाएगा। तीन काउंटर की व्यवस्था होगी। शौचालय, पेयजल, पब्लिक पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। कैंटीन, रेस्टोरेंट के अलावा हवाई अड्डा पर जो न्यूनतम व्यवस्था होनी चाहिए उसको शामिल किया जाएगा। व्यवसायिक उड़ान शुरू करने के लिए टर्मिनल का होना जरूरी है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सिविल विमानन निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है। टर्मिनल बनाने के लिए निदेशालय सैद्धातिक सहमति प्रदान करेगा। इसके बाद भारतीय विमानन प्राधिकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद बिहार राज्य भवन निर्माण निगम द्वारा टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। इस पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह राशि स्मार्ट सिटी योजना से खर्च होगी। हवाई अड्डा छोटा है। यहा से 12 सीटर विमान उड़ान भर सकता है।

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2013 में ही हो जाती हवाई सेवा शुरू

अगर राज्य सरकार लैंडिंग शुल्क कम कर देती तो 2013 में ही भागलपुर से पटना के लिए हवाई सेवा शुरू हो जाती। 15 मई 2013 से निजी विमानन कंपनी स्काईफिशर एयरवेज लिमिटेड ने भागलपुर से हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। भागलपुर से खुलने के बाद विमान पटना, गया होते हुए वाराणसी तक जाती। और फिर इसी रूट से वापस आती। प्रतिदिन विमान एक बार उड़ान भरती।

कंपनी के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश मिश्रा का कहना था कि पटना तक का किराया ढाई से तीन हजार के बीच और वाराणसी तक का किराया लगभग छह हजार रुपये होगा। स्काईफिशर एयरवेज ने इस संबंध में जिलाधिकारी को भी सूचित किया है। डीएम को लिखे पत्र में प्रबंध निदेशक ने कहा था कि सिंगल इंजन वाला यह एयरक्राफ्ट 12 सीटों का है। इसका निर्माण सेसना एयरक्राफ्ट कंपनी ने किया है। प्रबंध निदेशक ने डीएम से लैंडिंग और पार्किंग चार्ज सहित सुरक्षा, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पर होने वाले प्रशासनिक व्यय की जानकारी मागी है। प्रबंध निदेशक ने कहा, चार्टर ऑपरेशन, मेडिकल इमरजेंसी सर्विस और कार्गो सर्विस के तहत भी सेवा देने का प्रस्ताव है। लेकिन लैंडिंग शुल्क 76 हजार के आसपास रहने के कारण विमान सेवा शुरू नहीं हो सकी। हालांकि इस साल लैंडिंग शुल्क काफी कम कर दिया गया है।

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विमान लैंडिंग शुल्क

पुलिस पदाधिकारी व सशस्त्र बल पर व्यय : 1000

एंबुलेंस : 75

दंडाधिकारी : 1000

अग्निशामन : 1000

नगर निगम द्वारा सफाई : 4000

कुल : 7.075

By Rishav Mishra Krishna

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