भागलपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को जल्द ही खून के लिए मायागंज अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में रक्त संग्रह केंद्र (ब्लड कलेक्शन सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है। रक्त संग्रह केंद्र शुरू होने से पहले संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों, लैब टेक्नीशियनों, रक्त बैंक प्रभारियों और हेल्थ मैनेजरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्तमान में भागलपुर जिले में केवल चार रक्त बैंक संचालित हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज), सदर अस्पताल तथा दो निजी रक्त केंद्र शामिल हैं। गंभीर स्थिति में ग्रामीण मरीजों को अक्सर इन केंद्रों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है।

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रक्त बैंक की वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिव्या सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 20 से अधिक ऐसे मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, जिन्हें दुर्घटना, प्रसव या अन्य गंभीर कारणों से तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि नए रक्त संग्रह केंद्र शुरू होने से ग्रामीण मरीजों को समय पर सुविधा मिलेगी और अनावश्यक रेफरल में भी कमी आएगी।
इन प्रखंडों में खुलेंगे रक्त संग्रह केंद्र
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने के तहत बिहपुर, खरीक, गोपालपुर, नारायणपुर, इस्माइलपुर, रंगरा चौक, सबौर, सन्हौला और शाहकुंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पहले ऑनलाइन, फिर ऑफलाइन होगा प्रशिक्षण
स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों, लैब टेक्नीशियनों, रक्त बैंक प्रभारियों और हेल्थ मैनेजरों का विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पहले सभी संबंधित कर्मियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद रक्त बैंक प्रभारियों, चिकित्सा पदाधिकारियों और हेल्थ मैनेजरों का ऑफलाइन प्रशिक्षण आयोजित होगा। विभाग ने पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।
