नवगछिया अनुमंडल स्थित भवानीपुर पंचायत के अतिप्राचीन बुढ़िया काली मंदिर के प्रांगण में हो रहे नौ दिवसीय श्री श्री 108 शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ मैं आज तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमर पड़ी। आज कथा के तीसरे दिन देर रात संगीतमय कथा व्यास स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान को पाने का सरल मार्ग सत्संग है पर वह इतने करुणा निधान है कि भक्तों की रक्षा के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
जीवन दीर्घ बने या ना बने दिव्य अवश्य होना चाहिए। ज्ञान सत्संग से मिलता है। यह केवल संतों की संगत से हो या संत कृपा से संभव है। नरक का वर्णन करते हुए कहा कि हम कोई भी ऐसा कार्य दूसरे के साथ ना करें, जो हम स्वयं के साथ नहीं चाहते । ऐसा करेंगे तो नरक में जाने से बच सकते हैं ।भक्त प्रल्हाद एवं भगवान नरसिंह अवतार का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु की प्रति आस्था रखने पर बंद दरवाजे से भी रास्ता निकल जाएगा।श्री कृष्ण का प्राकट्य है समस्त जीव जगत के लिए परम कल्याणकारी है।

क्योंकि अधर्म अन्याय अभियान अत्याचार का शमन परमात्मा स्वयं करते हैं। कंस इतना अत्याचारी था कि उसने अपने पिता अग्रसेन को कारागार में डाल दिया ।मुसीबत में केवल इंसान के भगवान ही साथ देते हैं जबकि प्राणी मोह माया और परिवार के माया जाल में फस कर प्रभु को भूल जाता है।कथा को सुनकर श्रोता गण भाव बिभोर हो गये।

इस मौके पर यज्ञ कमेटी के सदस्य मुखिया प्रतिनिधि सुबोध यादव, दीपक शर्मा उर्फ शिकारी ,गौरव कुमार उर्फ सोनू, त्रिपुरारी भारती , अभिषेक कुमार अनिरुद्ध यादव, बेचन यादव, विक्की कुमार, रंजीत कुमार एवं साथ ही शिव शक्ति पीठ के अनिमेष सिंह, कुंदन बाबा, शिव प्रेमानंद जी, प्रेम शंकर भारती, संजीव भगत, पंकज भारती ,सुमन सौरभ ,शुभम आनंद, अनंत विक्रम, पुरुषोत्तम कुमार मंटू साहू समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण का आनंद ले रहे थे।

