बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की प्रथम इंटरस्तरीय परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। पिछले 10 दिसंबर को हुई इस परीक्षा में खगड़िया के 3 केंद्रों से कई परीक्षार्थियों की काॅपियां गायब हैं। मामले में बीएसएससी ने 7 जनवरी को डीएम को पत्र भेजकर जिम्मेदार अधिकारियों को आयोग कार्यालय भेजने का निर्देश दिया, ताकि पूरे मामले की जांच हो और दोषियों को सजा दिलाई जा सके। डीएम ने केंद्राधीक्षकों व वीक्षकों को आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
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आयोग की गोपनीय टीम ने पकड़ी गड़बड़ी
10 दिसंबर 2018 को प्रथम पाली की परीक्षा में परीक्षा केंद्र संख्या 51701, 51704 एवं 51710 में विसंगतियां मिली हैं। यह विसंगति आयोग के गोपनीय टीम ने ही पकड़ी है। प्रतिवेदन में गड़बड़ी की बात है। इससे स्पष्ट है कि परीक्षा में उपस्थित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की गई।

इन केंद्र पर गड़बड़ी
केंद्र संख्या 51707 (कोसी कॉलेज खगड़िया) : केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट फार्म 16 तथा उपस्थिति पत्रक के अनुसार उपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या में अंतर है। केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट में उपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या 242 है जबकि उपस्थित पत्रक के अनुसार अभ्यर्थियों की संख्या और ओएमआर शीट की संख्या महज 237 पायी गई है।
केंद्र संख्या 51704 (एसआर इंटर स्तरीय विद्यालय) : केंद्राधीक्षक के रिपोर्ट तथा उत्तर पत्रक उपस्थिति पत्रक एवं प्राप्त ओएमआर शीट की संख्या में अंतर हैं। उपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या 214 व ओएमआर शीट 212 ही पाई गई।
केंद्र संख्या 51710 (बापू मध्य विद्यालय, बलुवाही) : अनुक्रमांक 81453527 की ओएमआर शीट के पार्ट एक एवं दो अलग-अलग पाए गए हैं। जबकि ओएमआर शीट को किसी भी हालात में अलग नहीं किया जाना है।

आयोग के अध्यक्ष बोले-गड़बड़ी मिली तो दोषी बख्शे नहीं जाएंगे : बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा ने पूछे जाने पर कहा-’इस मामले की जांच के लिए अलग से टीम बनाई गई है। मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वैसे ऐसी गड़बड़ी तकनीकी कारणों से भी होती है। केंद्राधीक्षक और वीक्षक को बुलाया जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। अन्य जिलों से भी ऐसे मामले आते हैं। इसे शाॅर्टआउट कर लिया जाता है। यह धांधली का मामला नहीं है।’

