नवगछिया : आशीष कुमार, स्कूलों में नए शिक्षण सत्र 2017-18 की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने साफ किया है कि इस सत्र में यदि निजी स्कूलों ने अभिभावकों व बच्चों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाया तो उनकी खैर नहीं।
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बोर्ड ने स्कूलों से कहा कि मूल्याकंन का आधार जब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) व सीबीएसई की किताबें हैं तो निजी प्रकाशकों की किताबों को पढ़ाने का क्या औचित्य है। यदि बाजार में इनकी कमी है तो ईपाठशाला डॉट एनआइसी डॉट इन व ई-सीबीएसई से किताबों को निशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं।
सीबीएसई से साढ़े 17 हजार स्कूल संबद्ध हैं, जहां एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होती है। ऐसे विषय जिनमें ये किताबें उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए सीबीएसई अपनी किताब विद्यार्थियों को उपलब्ध कराता है। यही कारण है कि बोर्ड स्कूलों को इन किताबों से विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए निर्देशित कर रहा है।

किताबें काउंटर पर उपलब्ध
अभिभावक व विद्यार्थी एनसीईआरटी की किताबों के लिए इसके विशेष काउंटर और सीबीएसई की किताबों के लिए बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं। एनसीईआरटी ने बिहार, अजमेर, भोपाल, शिलांग, भुवनेश्वर, मैसूर, अहमदाबाद, बेंगलुरू, कोलकाता, गुवाहटी और नई दिल्ली में विशेष काउंटर भी बनाए हैं।
