भागलपुर: तिलकामांझी के थानेदार विजयचंद्र शर्मा की मौत स्कॉर्पियो दुर्घटना में नहीं हुई है, बल्कि किसी ने उनकी हत्या कर इसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था। एफएसएल ने अपनी रिपोर्ट में उन 15 बिंदुओं का जिक्र किया है, जिसके आधार पर इस मामले को हादसे की बजाय हत्या माना गया। टीम ने कहा है कि जांच के दौरान मौजूद साक्ष्यों के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि मृतक विजय चंद्र शर्मा की मौत गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने से नहीं बल्कि किसी अन्य व्यक्तियों द्वारा हत्या कर इस मामले को दुर्घटना का रूप दिया गया।

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निम्नलिखित 15 बिंदु जिससे दुर्घटना को मना गया हत्या :
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1. रनवे, हवाई अड्डा भागलपुर पर स्कार्पियो बीआर 10पीए 2207 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
2. पुलिस पदाधिकारी द्वारा घटनास्थल से स्कार्पियो को हटाकर पुलिस लाइन में रखा गया।
3. पुलिस पदाधिकारी द्वारा मृतक विजयचंद्र शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट करायी जा चुकी थी तथा उन्हीं के द्वारा ज्ञात हुआ कि गाड़ी के पिछले हिस्से से सिर दबा हुआ था, शरीर का अन्य अंग बाहर था।
4. घटनास्थल पर अधिक मात्रा में रक्त पाया गया था।
5. गाड़ी का फ्रंट साइड दक्षिण एवं बैक साइड उत्तर दिशा की ओर बताया गया।
6. गाड़ी के अंदर किसी प्रकार का रक्त का चिन्ह नहीं पाया गया था।
7. गाड़ी के आगे दोनों गेट की खिड़की का शीशा पूर्णत: टूटा हुआ पाया गया था।
8. नीचे वाले गेट का दोनों तरफ का शीशा पूर्णत: सही अवस्था में पाया गया था।
9. गाड़ी के सभी दरवाजे बंद पाये गए थे जो प्रयास के बाद भी नहीं खुल सके।
10. गाड़ी के आगे वाली दोनों सीट एवं बीच वाली सीट पर बिछे तौलिए सही अवस्था में पाए गए थे।
11. गाड़ी के बोनट के आगे वाले भाग एवं उपरी छत के अग्र भाग पर स्क्रैच एवं डेंट चिन्ह पाए गए थे।
12. गाड़ी के बायें एवं दायें तरफ स्क्रैच पाया गया था।
13. चालक के तरफ के दोनों अगला एवं पिछला चक्का का हवा पूर्णत: निकला हुआ था।
14. शव के पास पाये गये खून के धब्बे से लगभग 76 फीट की दूरी पर अनेकों जगह खून के धब्बों के निशान पाया जाना संदेह उत्पन्न करता है।
15. गाड़ी के निरीक्षण से ऐसा प्रतीत होता है कि तेज गति से चलने के क्रम में अचानक ब्रेक लगाने की वजह से गाड़ी कई बार पलटने से क्षतिग्रस्त हो गई। इस क्रम में मृतक के जख्मी होने का कोई प्रमाण नहीं मिल सका, क्योंकि गाड़ी के अंदर खून का धब्बा नहीं पाया गया था।

