डीलर रामचन्द्र साह की हत्या मामले में उसके बड़े पुत्र मुकेश कुमार के बयान पर भवानीपुर के ब्रजेश एंड कंपनी पर प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी में पुराने विवाद में ब्रजेश और उसके तीन साथियों द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने की बात बताई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी निधि रानी ने दो टास्क फोर्स का गठन किया है। मालूम हो कि बुधवार को नवगछिया थाना के सामने राशन डीलर रामचंद्र साह को अपराधियों ने गोलियों से भून दिया था। उधर, डीलर हत्याकांड सहित सुनील शर्मा व चन्द्रशेखर यादव हत्याकांड के आरोपी ब्रजेश यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन जिलों में छापेमारी की है। टास्क फोर्स ने ब्रजेश के नानिहाल मधेली, कटिहार के बरारी थाना के पोठिया, खगड़िया के महेशखूंट के गोविंदपुर, नवगछिया के भवानीपुर, साधोपुर, नारायणपुर व बलहा में कई स्थानों पर छपेमारी की गई।


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छापेमारी में हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस नाम का खुलासा नहीं कर रही है।ब्रजेश एंड कंपनी के आतंक से सहमा इलाकाआदर्श थाना से सटे पान दुकान पर डीलर रामचन्द्र साह की सरेआम हत्या के बाद नवगछिया सहित भवानीपुर में ब्रजेश एंड कंपनी का खौफ लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। लोगों में दहशत है। शाम ढलते ही लोग घरों में बंद होने लगे हैं। रात में जरा सी आहट से लोग जग जाते हैं। गुरुवार को दिन भर लोगों में इस बात की चर्चा होती रही कि जब पुलिस लाइन और थाना के पास घुसकर अपराधी हत्या कर सकते हैं तो अन्य जगहों पर लोग कितना सुरक्षित हैं। छोटुआ के जेल जाने के बाद ब्रजेश हुवा हावीबाहुबली बिनोद यादव की दिनदहाड़े हत्या के बाद एसटीएफ द्वारा छोटुआ की गिरफ्तारी से ब्रजेश ने अपराध की दुनिया में एकछत्र राज स्थापित करना शुरू कर दिया।

उसने अपने पिता और चाचा के हत्यारे को चुन-चुनकर मौत के घाट उतारा। नवगछिया में कुख्यात छोटुआ व ध्रुवा यादव के बाद अब ब्रजेश एंड कंपनी का आतंक है। ब्रजेश एंड कंपनी द्वारा एक के बाद एक लोगों को दिनदहाड़े मौत के घाट उतारने का काम चल रहा है। वर्चस्व की लड़ाई में अपने पिता के साथ साथ चाचा की निर्मम हत्या को अपनी आंखों से देखने वाला ब्रजेश ने होश संभालते ही प्रातिशोध में खून की होली खेलनी शुरू कर दी है।

उसने पहले सुनील शर्मा, फिर चन्द्रशेखर यादव और फिर रामचन्द्र साह की हत्या कर विरोधियों को खुला चैलेंज कर दिया है। विरोधी गुट के कमांडर कुमौदी यादव के जेल में रहने के कारण उसने विरोधियों को मिलाकर इलाके में एक छत्र राज्य स्थापित कर अपने पुराने दुश्मनों का सफाया करना शुरू कर दिया है।

गांव छोड़ बाजार में रहने लगे हैं लोगभवानीपुर में अपराधियों के आतंक से परेशान कई सभ्रांत परिवार के लोग बाजार में रहने लगे हैं। लोगों का कहना है कि गांव में जान जाने का डर लगा रहता है। गांव के दर्जनों परिवार के लोग गांव छोड़कर दूसरी जगह रह रहे हैं। गांव में रहने पर जबरदस्ती जमीन लिखवाने के खेल के साथ जबरन चंदा वसूली आम बात है। एक युवक ने बाइक खरीदी तो जबरन 20 दिनों तक रखा और खुद चलाने लगे। बाद में काफी मिन्नत के बाद कुछ ले देकर छोड़ा।

By Rishav Mishra Krishna

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