नवगछिया में शिक्षा का एक युग की समाप्ति

नवगछिया : नवगछिया अनुमंडल में शिक्षा की अलख जलानें वाली एक युग की मंगलवार को समाप्त हो गया. नवगछिया की धरती पर अंग्रेजी माध्यम की नींव रखने वाली सावित्री पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल का मंगवाल को निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रही थी. वे करीब 66 वर्ष की थी. सुश्री दत्ता का कोई अपना नहीं है. लेकिन पूरा नवगछिया उनका अपना था. सुश्री दीप्ती दत्ता सन 1984 में नवगछिया की धरती पर आई थी. नवगछिया के पहले इंग्लिश मीडियम स्कुल की स्थापना का श्रेय उन्हें ही जाता है. सुश्री दत्त दीप्ती मेम के नाम से प्रसिद्ध थी. 10 वर्ष तक वो कार्यरत रहनें के बाद सन 1998 में अपना पहला स्कुल साउथ पॉइंट खोली. जिसमें काफ़ी बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा में मजबूती लानें का निरंतर प्रयास किया. सन 2001 में उनोहनें अपना दूसरा विद्यालय डी डी ए पब्लिक स्कूल की शुरुवात की. उम्र के शाररिक रूप से अस्वस्थ रहनें के कारण उनोहनें अपनें साथ शिक्षा के क्षेत्र में कार्य हेतु निवर्तमान निर्देशक राम कुमार साहू को 2003 में डी डी ए पब्लिक स्कूल में आमंत्रित कर कार्य निरंतर रखा. वर्ष 2012 में डी डी ए से विद्यालय सावित्री पब्लिक स्कूल के नाम से आज भी शिक्षा को बढ़ावा देने वाली विद्यालय जारी हैं. मंगलवार की अहले सुबह उनकी आकस्मिक निधन हो गया. जिसे जहां ख़बर मिली वहीँ वो अवाक् रह गया. सुबह से ही शिक्षा की देवी के अंतिम दर्शन के लिए विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं, अभिभावक, गणमान्य लोगों का हुजूम उमड़ पड़ी. बच्चों को लग ही नहीं रहा था कि अब उनकी चहेती मेम इस दुनियां में नहीं रहीं. मौके पर सावित्री पब्लिक स्कूल के निदेशक शिक्षा विद राम कुमार साहू ने बताया कि दीप्ती दत्ता मेम मेरी माँ सामान थी. सन 2003 से उनके साथ में शिक्षा के क्षेत्र में कई गुर सीखा हूँ. आज उनकें बदौलत ही नवगछिया में शिक्षा की मशाल जल रहीं हैं. मंगलवार को ही दिन के 10 बजे से नवगछिया बाजार क्षेत्र में दीप्ती दत्ता की शव यात्रा निकाल कर, हाई लेवल महादेवपुर घाट पर विद्यालय परिवार एवं नवगछिया के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया. सुश्री दत्ता के निधन पर शिक्षा जगत मर्माहत है.


