अफ्रीका महाद्वीप का देश युगांडा इन दिनों फिर से सेना और विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर सुर्खियों में है। युगांडा ने तानाशाह ईदी अमीन का बर्बर शासन को भी देख चुका है।
युगांडा की सेना और एयरफोर्स के मुखिया रहे ईदी अमीन ने 1971 में मिल्टन ओबोटे को सत्ता से हटाकार खुद देश की कमान अपने हाथों में ले ली थी। जिसके बाद अमीन ने राष्ट्रपति के तौर पर लगभग 8 साल यहां शासन के साथ लोगों पर जमकर जुल्म भी ढ़ाहे। गौरतलब है कि इस दौरान उसके शासन काल में ५ लाख से अधिक लोगों ने अपनी जान गवांई तो वहीं कई महिलाओं के साथ उसने रेप भी किए।

कहा जाता है कि तख्तापलट के ठीक बाद अमीन ने खुद को देश का राष्ट्रपति, सभी सशस्त्र बलों का प्रमुख कमांडर, आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और चीफ ऑफ एयर स्टाफ घोषित कर दिया।
जिसके बाद युगांडा से लांगो और अछोली जातीय समूहों को खत्म करने के इरादे से वहां जनजातीय नरसंहार करवाना शुरु कर दिया। जिसके पीछे उसका मकसद ओबेटो के चाहने वालों को मिटा देना था।
अमीन के बारे में कहा जाता है कि वह इतना क्रूर था कि लोगों को मार कर उनका मांस भी खा जाता था। मैड मैन ऑफ अफ्रीका के नाम से मशहूर इस क्रूर शासक ने साल 1972 में


