उबर नहीं पाया नवगछियाएक माह बाद भी बाढ़ के पानी से उबर नहीं पाया नवगछिया

अपडेट 

Whatsapp group Join

,, नवगछिया अनुमंडल कार्यालय, कोर्ट परिसर, एसपी कार्यालय व आवास में अभी भी जमा है बाढ़ का पानी
,, नवगछिया शहर के नया टोला में करीब दो सौ घरों से अभी भी नहीं निकला है पानी
,, एनएच से नवगछिया जाने के लिए परंपरागत एक रास्ता ही हुआ है चालू
,, नवगछिया बाजार पर व्यापक प्रभाव, कई जरूरत के सामान पहुंच नहीं पा रहे हैं बाजार

बाढ़ के पानी से उबर नहीं पाया नवगछिया
बाढ़ के पानी से उबर नहीं पाया नवगछिया

नवगछिया : नवगछिया शहर करीब एक माह से बाढ़ की विभीषिका का सामना करने को मजबूर है. करीब एक माह पहले लक्ष्मीपुर के पास गंगा प्रसाद बांध टूट जाने के बाद नवगछिया शहर को भयानक बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों व पदाधिकारियों ने कल्पना भी नहीं किया था कि नवगछिया को एक माह से अधिक समय के लिए बाढ़ का सामना करना पड़ेगा. मालूम हो कि नवगछिया के विभिन्न प्रशासनिक संस्थानों नवगछिया अनुमंडल कार्यालय, नवगछिया कोर्ट परिसर, नवगछिया एसपी कार्यालय और एसपी आवास में अभी भी बाढ़ का पानी जमा है. यहां तक नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी के चैंबर में अभी भी घुटने भर पानी है. दूसरी तरफ नवगछिया एनएच 31 से नवगछिया स्टेशन या शहर जाने वाले दो परंपरागत रास्तों में अभी तक एक रास्ता ही खुल पाया है. जिससे आवागमन और यातायात में काफी परेशानी हो रही है. नवगछिया बाजार के कुछ व्यवसायियों ने बताया कि इन दिनों नवगछिया बाजार में बड़े वाहन का प्रवेश नहीं हो पा रहा है इस कारण बाजार में जरूरत के समान घटने लगे हैं. सामानों को पूर्ति करने में उन लोगों को काफी कठिनाई हो रही है. अतिरिक्त भाड़ा लगने के कारण सामानों को लाने में अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है.

जल निकासी की व्यवस्था नहीं होती तो स्थिति और भयावह होती

जल संसाधन विभाग के मंत्री ललन सिंह के निर्देश पर चार जगहों से पानी की निकासी रंगरा की ओर किया जा रहा है. जिससे जल जमाव की समस्या से लोगों को काफी राहत मिली है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासनिक स्तर से चार जगहों से जल निकासी नहीं की गयी होती तो स्थिति और भी भयावह होती. मालूम हो कि विगत 24 घंटे से चार बोरिंग में से दो ही काम कर रहा है. प्रशासनिक स्तर से सूचना मिली है कि दो डिजल बोरिंग लगाया गया है और दो बिजली चालित बोरिंग है. बिजली की कमी के कारण बोरिंग कभी कभी बंद हो जा रहा है. जबकि बिजली चालित एक बोरिंग में खराबी आ गयी है. जल्द ही पानी निकालने के लिए एक और पंप मंगवाया जायेगा.

नया टोला में दो सौ घरों में जमा है पानी
दूसरी ओर नवगछिया शहर के नया टोला वार्ड नंबर 22 और 23 में अभी भी लगभग दो सौ घरों से बाढ़ का पानी नहीं निकला है. एक माह से बाढ़ का सामना कर रहे लोगों की स्थिति दयनीय हो गयी है. लोग परेशान हैं उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. वार्ड नंबर 23 के वार्ड पार्षद व भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मंडल ने कहा कि आपदा विभाग के ओर से प्रावधान है कि जिन घरों में एक सप्ताह से ज्यादा दिन से पानी जमा है वहां पर दोबारा राहत कार्य चलाया जाय लेकिन यहां पर इस तरह नहीं हो रहा है. एक माह से बाढ़ का सामना कर रही स्मिता देवी ने कहा कि उन लोगों के बच्चे एक माह से स्कूल नहीं जा रहे हैं. मच्छरों और तरह तरह के कीड़े मकौड़ों का प्रकोप बहुत ही ज्यादा हो गया है. उन लोगों की जिंदगी पूरी तरह से तबाह हो गयी है. अब नवगछिया में बोतलबंद पानी के जार के कीमतों में भी भारी वृद्धि हो गयी है. पूर्व में 15 से 20 रुपये में पानी का जार घर तक पहुंचाया जा रहा था लेकिन अब 30 से 35 रुपये खर्च कर लोग मकंदपुर चौक या मील टोला से पानी नया टोला ढ़ो कर ला रे हैं. नया टोला निवासी पन्ना सिंह, रामोधार चौरसिया, चंद्रशेखर मंडल, सभपति मंडल, बिंदेश्वरी यादव, नरेश मंडल, त्रिवेणी पासवान आदि अन्य के घरों में करीब एक माह से पानी जमा है.

कष्टकारी रही रविवार की वर्षा

रविवार को हुई मुसलाधार वर्षा बाढ़ पीड़ितों के लिए काफी कष्टकारी रही. मालगोदाम और राष्टÑीय राजमार्ग पर शरण लिये पकरा, नया टोला के बाढ़ पीड़ित पूरी तरह से भींग गये. खास कर बच्चों और महिलाओं की बुरी स्थिति रही. बाढ़ पीड़ित सुनील चौरसिया, झाबो चौरसिया, राजेश रिक्यासन, अरविंद शर्मा, हिरदी ऋषिदेव आदि ने कहा कि रविवार का दिन उन लोगों के लिए पूरे मौसम का काला दिन साबित हुआ.

कहते हैं एसडीओ

नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने कहा कि दोबारा राहत देने का कोई प्रावधान नहीं है. जल निकासी करने के लिए प्रशासनिक स्तर से पहल किया जा रहा है. उम्मीद है कि दस दिनों में महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ साथ नवगछिया नया टोला व अन्य इलाकों से भी पानी निकल जायेगा.

कहते हैं जिलाध्यक्ष

वार्ड नंबर 23 के वार्ड पार्षद व नवगछिया भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मंडल ने कहा कि सरकार ने प्रावधान किया है कि जिन घरों में एक सप्ताह से अधिक पानी जमा है वहां फिर से राहत कार्य चलाया जाय. नवगछिया में एक माह से कई घरों में पानी है लेकिन लोग भगवान भरोसे हैं. श्री मंडल ने कहा कि कई लोग हैं जो कागजी प्रक्रिया के कारण बाढ़ राहत व मुआवजे से वंचित हैं.

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet