बिहपुर :- हजरत इब्राहिम अलैहसलाम की सुनंत को बरकरार रखने के लिए दुनिया भर के मुसलमानों को अल्लाह रबबुलइजजत ने कुर्बानी देने का हुक्म दिया है ये बाते खानका – ए – आलिया फरिदिया मोहब्बतिया फरिदिया बिहपुर के सज्जादा नशीं हजरत बाबू अली कौनैन खॉ फरीदी एवं नायब सज्जादा नशीं हजरत मौलाना बाबू अली शबबर खाँ फरीदी ने कही उनहौने कहाकि मुसलमान हर साल 10 जिलहिजा इस्लामिक तारीख को कुर्बानी देते हैं जिसे ईदु – उल – अजहा व बकरीद भी कहते है!
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आगे फरीदी ने बताया कि हजरत इसमाईल अलैहसलाम के बालिद को दो बार कुर्बानी देने का हुक्म अाया तीसरी बार अल्लाह ताला ने उनसे अपने बेटे हजरत इसमाईल अलैह सलाम की कुर्बानी देने का हुक्म दिया! मिना के मैदान में जब बह अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए छुरी लेकर पहुँचें तो हजरत इसमाइल अलैह सलाम ने कहा कि आप मुझे देखकर छुरी नही चला सकेंगे!

तब इब्राहिम अलैह सलाम अपनी आँखों पर पटटी बांध कर कुर्बानी के लिए अपने बेटे की गर्दन पर छुरी चलानी शुरू की, लेकिन गर्दन नही कटी, हजरत इसमाईल अलैह सलाम की गर्दन न कटना हुक्म – ए – खुदा था अल्लाह ताला ने अपने फरिश्ते जिबराइल अलैह सलाम को हुक्म दिया जनंत से एक दुमबा को इसमाईल अलैह सलाम की जगह लिटा दो आखो पर पटटी बंधी होने के कारण इब्राहिम अलैह सलाम ने दुमबा की गर्दन पर छुरी चलायी और उसकी कुर्बानी दी!

