नवगछिया: नवगछिया रेलखंड से होकर गुजरने वाली गुजरात के हापा और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलागुन (ईटानगर) के बीच संचालित स्पेशल ट्रेन में यात्रियों को अब अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे ने 29 जुलाई से इस ट्रेन में पारंपरिक आईसीएफ रैक की जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाने का फैसला किया है।
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करीब 3,200 किलोमीटर लंबी यात्रा करने वाली यह स्पेशल ट्रेन गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों को जोड़ती है। ट्रेन हापा से रवाना होकर कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार और किशनगंज होते हुए पश्चिम बंगाल, असम के रास्ते अरुणाचल प्रदेश के नाहरलागुन तक पहुंचती है।
समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन बुधवार देर रात 12:40 बजे हापा से प्रस्थान कर गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे नवगछिया स्टेशन पहुंचती है। वहीं शनिवार को हापा से चलने वाली ट्रेन रविवार तड़के करीब 2:18 बजे नवगछिया पहुंचती है। हालांकि बुधवार को हापा से रवाना हुई ट्रेन लगभग 10 घंटे की देरी से चल रही है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भागलपुर रेलखंड पर अब केवल गांधीधाम साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ही आईसीएफ रैक के साथ संचालित हो रही है। इसके अलावा इस रेलखंड से गुजरने वाली लगभग सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाए जा चुके हैं।
एलएचबी कोच आईसीएफ कोच की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज गति के अनुकूल और आरामदायक माने जाते हैं। इन कोचों में झटके कम महसूस होते हैं और दुर्घटना की स्थिति में एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना भी काफी कम रहती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होती है।
