गोपालपुर : गंगा नदी के खतरे के निशान से लगभग एक मीटर नीचे बहने के कारण जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और स्थानीय लोगों को फिलहाल राहत मिला हुआ है. हालांकि सभी स्परों व तटबंध पर लगातार निगरानी कनीय अभियंताओं से लेकर वरीय अभियंताओं द्वारा लगातार किया जा रहा है.

बताते चलें कि स्पर संख्या पांच से लेकर आठ तक के स्परों को गंगा नदी द्वारा पिछले कई वर्षों से बारी बारी से ध्वस्त किये जाने के कारण इन स्परों की लंबाई काफी छोटी हो गई है और गंगा नदी तटबंध के करीब पहुंच गई है. पिछले वर्ष गंगा नदी के जलस्तर में कमी होने पर सैदपुर के वीरनगर के निकट स्पर संख्या छह एन व स्पर सात के बीच लगभग एक सौ मीटर में तटबंध ध्वस्त हो गया था. जिस कारण सैदपुर सहित आसपास के ग्रामीणों की धड़कनें अनहोनी की आशंका से बेचैन हो रही थीं.

हालांकि इस वर्ष जल संसाधन विभाग ने पचास करोड़ से अधिक की राशि से बोल्डर पीचिंग कर कटाव निरोधी कार्य करवाया है. ताकि कटाव की तबाही से इलाके को बचाया जा सके. दूसरी ओर गंगा नदी के जलस्तर में पिछले वर्ष की तुलना में भारी कमी होने के कारण इस्माइलपुर से लेकर बिंद टोली के बीच अभी तक कटाव नहीं होने से ग्रामीणों के साथ जल संसाधन विभाग के अभियंताओं व प्रशासनिक पदाघिकारियों ने राहत की साँस ली है. स्वयं जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस्माइलपुर बिंद टोली के बीच करवाये जा रहे कटाव निरोधी कार्यों का निरीक्षण कर क्षेत्र को कटाव से बचाने हेतु स्पर संख्या पाँच का पत्थर से जीर्णोद्धार कराने का आदेश ग्रामीणों की मांग पर कैंप कार्यालय में दिया तथा नवगछिया के एसडीओ डा आदित्य कुमार को लगातार कार्य की निगरानी कराने का निर्देश दिया था. गंगा नदी का न्यूनतम जलस्तर 24 मीटर है. चेतावनी का जलस्तर 30.18 मीटर है. खतरे का जलस्तर 31.60 मीटर है. अधिकतम जलस्तर 33.60 मीटर है. आज का जलस्तर 30.72 मीटर है. गंगा नदी चेतावनी स्तर को पार कर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है.

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By Rishav Mishra Krishna

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