नारायणपुर : पुलिस के प्राथमिक चरण के अनुसंधान में लिए दोनों बच्चों के हत्या का रहस्य खुलने लगा है. बजरंगबली मंदिर के पास ही मंदिर परिसर और रोड में सटाकर गांव के ही भवेश शर्मा ने लगभग 200 बोरा मकई रखा है. सनद रहे कि मृतक युवराज के पिता का नाम भी भवेश शर्मा ही है. दोनों भावेश शर्मा रायपुर गांव के ही निवासी हैं. मकई के बोरे की छानबीन में पाया गया है कि कुछ बोलों पर खून के निशान हैं. हालांकि रात हो जाने की वजह से पुलिस मामले के अनुसंधान कठिनाई आ रही है.
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पुलिस का कहना है कि सुबह दिन के उजाले में एक बार बोरे की फिर से जांच की जाएगी अगर खून हुआ तो उसे फॉरेंसिक टेस्ट के लिए भेजा जाएगा. मालूम हो की बात सामने आ रही है कि दोनों बच्चे बोरे के पास ही खेल रहे थे और बोरा गिरने से दोनों उसके नीचे दब गए और दोनों की मौत हो गई. दूसरी तरफ दोनों मृतकों के चेहरों पर जख्म और खून के निशान स्पष्ट प्रतीत होते हैं. ग्रामीण कर रहे हैं कि बोरे के नीचे दबने से खून नहीं निकल सकता है. ग्रामीण अंदाजा लगा रहे हैं कि हो सकता है

दोनों बच्चों पर बोरा गिर गया हो और दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हो लेकिन इसके बाद जरूर ही हत्यारों ने दोनों की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया गया होगा. ग्रामीण यह भी अंदाजा लगा रहे हैं कि बोरा दोनों बच्चों पर गिरने के बाद बोरे के मालिक व उनके परिजन इस बात से भयभीत हो गए होंगे कि अब दोनों बच्चे के घायल होने का आरोप उन लोगों के ऊपर लगेगा और उन्हें कोर्ट कचहरी थाना पुलिस का चक्कर लग जाएगा. इसी तरह से वे लोग एक घृणित कदम उठाने को तैयार हो गए होंगे और दोनों बच्चों की हत्या कर उसे छुपा देने का निर्णय ले लिया होगा. बहरहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. पुलिस का दावा है कि अगले 24 घंटे में मामला पानी की तरह साफ हो जाएगा.

