नवगछिया: मंजूषा कला अंग देश की प्राचीन राजधानी चंपा, अब भागलपुर एवं नवगछिया के क्षेत्रों से की प्राचीन विषहरी पूजा से जुड़ी हुई है.
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मंजूषा कला को राष्ट्रीय विरासत में भी शामिल किया गया है. मंजूषा बांस ,जूट ,पुआल और कागज के बने मंदिर के आकार के बॉक्स जैसे हैं ,जिन्हें सावन और भादो माह के सिंह नक्षत्र में विषहरी पूजा के अवसर पर बनाया जाता है. नवगछिया स्टेशन पर रेलवे द्वारा लगाए गए मंजुषा आर्ट नवगछिया सहित अंग क्षेत्र की महान कलाकृति है यह कला माँ बिहुला विषहरी के कहानी को चित्र के माध्यम से दर्शाती है हाल ही में भागलपुर के जिलाधिकारी के द्वारा हर प्रमुख जगह सरकारी भवनो पर इस कला को विकसित करने के लिए कदम उठाया है
नवगछिया से मुख्य कहानी जुडी रहने के कारण यहा के नगर भाजपा नेताओ ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन सहित रेलवे डी आर एम से मिलकर इसे नवगछिया स्टेशन पर लगाने की मांग की थी जो अब पुरा हुआ इस कार्य को पूरा करवाने के लिए माननीय रेल मंत्री, सैयद शाहनवाज हुसैन जी ओर सोनपुर डी आर एम सर सहित स्थानीय रेल पदाधिकारी को नगर अध्यक्ष मुकेश राणा ने आभार व्यक्त किया है
