नारायणपुर – भवानीपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर में लखनामोड़ मौजमा के पास रेलवे लाईन के गड्ढे में पोल संख्या 81-25 के पास अर्द्ध नग्न अवस्था में बुधवार को 45 वर्षीय अज्ञात महिला का शव बरामद किया है.ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की सुबह महिला का लाश देखा गया जिसे ग्रामीणों द्वारा स्थानीय भवानीपुर पुलिस को दुरभाष पर महिला का शव होने की जानकारी दी.
सुचना पर पहुंचे भवानीपुर पुलिस ने नारायणपुर जीआरपी को शव उठाने की बात कही.जिसको लेकर जीआरपी ने पुलिस हस्तक नियम 474 सी के हवाला देते हुए बताया कि चलती ट्रेन में घटित एवं सिंग्नल से आँउटर सिग्नल के अतिरिक्त रेलवे ट्रैक को छोड़कर अपराध की घटना स्थानीय जिला पुलिस को बताया.जिसको लेकर सुबस से लेकर दोपहर बाद तक हाईभोल्टैज ड्रामा चलता रहा. इस दौरान एक दुसरे पर आरोप भी लगाए.ग्रामीणों की पहल पर लगभग 1:30 बजे भवानीपुर पुलिस ने शव को कब्जा में लेकर पिकअप पर बाँस के बल्ले के सहारा लोड कर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेजा.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला की हत्या पेट में चाकु मार की गई थी.जिससे उसका पेट में गड्ढे के साथ कमर में कई जख्म थे.एक हाथ दस फीट की दुरी पर मिला तो कपड़ा अर्द्ध नग्न अवस्था में था कई जगह कपड़े फटे हुए थे.साथ ही शव क्षत विक्षत था.ग्रामीणों ने आशंका जाहिर कर बताया कि महिला को दुष्कर्म कर साक्ष्य छिपाने के लिए बेरहमी से हत्या कर फेंक दिया गया.देर शाम तक किसी के द्वारा शव को नहीं पहचाना गया है.
नारायणपुर में कोसी तटबंध किनारे,गंगा घाट के रेलवे किनारे महिला की हत्या कर ठिकाने लगाते आया है.क्योंकि 25 जून 2015 को रेलवे पोल संख्या 82 के पास अर्द्ध जली महिला का शव बरामद,कोसी तटबंध भोजूटोला में महिला का शव मिलना, नगड़पारा दोह में गीता देवी का शव मिलना,नगड़पारा गांव में घर में ही मीनू कुमारी को जलाकर मार देना आम बात है.फिलहाल भवानीपुर पुलिस सभी बिंन्दुओं पर जाँच पड़ताल कर रही है।
मानवता शर्मसार
भारत सरकार और बिहार सरकार के द्वारा महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ सम्मान देने की जुमले बाजी की जा रही है.इधर सरकार की इस घोषणा को नवगछिया पुलिस के भवानीपुर ओपी द्वारा महिला की शव बरामदगी के बाद घटनास्थल से कपड़े में बाँधकर जानवरों की तरह बाँस के बल्ले के सहारे गाड़ी तक लाया गया जिसे देखकर ग्रामीण तरह तरह के चर्चा कर रहे थे.जबकि घटना स्थल से पीएचसी नारायणपुर नजदीक थी जहाँ से स्ट्रेचर मँगवाया जा सकता था.


