नवगछिया अनुमंडल के 471 वार्डों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। प्रदूषित पानी होने के बावजूद यहां वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति द्वारा बोरिंग करा दिया गया है। डीएम ने इस संबंध में पंचायतीराज विभाग को प्रस्ताव भेजा है। मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नवगछिया अनुमंडल के बिहपुर प्रखंड के 86, गोपालपुर के 10, इस्माइलपुर के छह, खरीक के 95, नारायणपुर के 21, नवगछिया के 114 और रंगरा चौक के 72 वार्डों के पानी में आयरन की मात्रा अधिक है। बचे 504 वार्ड आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित है।
पीएचईडी ने सभी वार्ड में प्रदूषित पानी होने की रिपोर्ट डीएम को दी थी। इसके बाद डीएम ने पंचायतों द्वारा जलापूर्ति योजना करने पर रोक लगा दी थी। बावजूद कई वार्डों में बोरिंग कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ वार्डों में रोक के बावजूद बीडीओ द्वारा वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति को तकनीकी स्वीकृति दी गयी है।

डीएम प्रणव कुमार ने बताया कि शुरू में हर घर नल का जल योजना के तहत नवगछिया अनुमंडल के कुछ वार्डों में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी वार्ड स्तरीय कमेटी को दी गयी थी। बाद में पीएचईडी की जांच में पाया गया कि अनुमंडल के सभी वार्ड का पानी प्रदूषित है। पीएचईडी की रिपोर्ट आने के बाद मार्च में पत्र जारी कर सभी वार्ड में पेयजल के काम पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।
इस बीच 471 वार्डों में राशि की निकासी कर बोरिंग का काम या तो पूरा कर दिया गया था या काम शुरू कर दिया गया था। जिन वार्डों में पेयजल आपूर्ति का काम वार्ड स्तर से हो चुका है, वहां पीएचईडी द्वारा ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गयी है। अनुमति मिलने पर बोरिंग के बगल में ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। रोक के बावजूद जिन वार्डों में काम हुआ होगा, वहां जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने पीएचईडी (पूर्वी) के कार्यपालक अभियंता के साथ इस संबंध में बैठक भी की है।


