भागलपुर और आसपास के जिलों में सोमवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। 80 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस दौरान अलग-अलग घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई।
आंधी के बाद 23 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को पानी समेत अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के पोल गिरने से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ।
इस्माइलपुर में पूनम देवी, नवगछिया में हीरालाल राम, बड़ी खंजरपुर में नकुल यादव, बिहपुर में जैनुल और राघोपुर में हरि मंडल की मौत हो गई। वहीं गंगा नदी में नाव से गिरने के कारण दो लोगों की जान चली गई। सुपौल में ठनका गिरने से जीवन पासवान की मौत हो गई।

तेज आंधी का असर अस्पतालों और स्कूलों पर भी पड़ा। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मेडिसिन विभाग स्थित 16 बेड वाले हाई डिपेंडेंसी यूनिट को नुकसान पहुंचा, जबकि शीशा टूटने से कुछ मरीज घायल हो गए।
वहीं, दरभंगा के किरतपुर प्राथमिक विद्यालय मकतब कुबौल में दो मंजिला भवन की छत ध्वस्त हो गई। उत्क्रमित मध्य विद्यालय धरौड़ा में बरगद का पेड़ गिरने से भवन क्षतिग्रस्त हो गया। मधुबनी, कटिहार, अररिया, बांका, खगड़िया और मधेपुरा में भी पेड़ गिरने और घरों को नुकसान की खबर है।
इधर, खरीक उत्तरी के जिला पार्षद गौरव राय ने कहा कि आंधी से किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। केला, आम और लीची की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने सरकार से क्षति का सर्वे कर उचित मुआवजा देने, फसल क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने और किसान क्रेडिट कार्ड ऋण माफ करने की मांग की है।
