नवगछिया : सड़क हादसे में मारे गये प्रतिभाशाली शिक्षक आशीष कंप्यूटर की जानकारी के करण अपने क्षेत्र में काफी मशहूर थे. नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचे आशीष सर के छात्र भी काफी दुखी थे. सबों का कहना था कि टेक्निकल समस्या का सामाधान आशीष सर चुटकी बजा कर करते थे, लेकिन भगवान ने उन्हें असमय ही छीन लिया है. इधर घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले अनुमंडल अस्पताल में आशीष के ससुराल के लोग पहुंचे थे. आशीष की सरहज और अन्य परिजनों का भी रो रो कर बुरा हाल था.

– चार साल पहले ही हुई थी नारायणपुर में शादी

– ससुराल में भी मातमी माहौल

अनुमंडलीय अस्पताल में आशीष के पिता शंकर ठाकुर फूट फूट कर रो रहे थे. जब बछौला के मुखिया के साथ बड़ी संख्या में लोग अनुमंडल अस्पताल पहुंचे तो आशीष के पिता को घर भेजा. उनकी हालत काफी खराब थी. जानकारी मिली है कि आशीष चार भाई हैं. आशीष के पिता शंकर मध्य प्रदेश में डब्लूसीएल में कार्यरत थे. आशीष का बचपन भी वहीं बीता था. वहीं से आशीष ने पढ़ाई की और पढ़ाई पूरी होने के बाद वह अपने गांव आ गया और यहां पर एक कंप्यूटर कोचिंग सेंटर को संचालित करने लगा.

चार साल पहले ही आशीष की शादी नारायणपुर गांव की बेबी कुमारी से हुई थी. आशीष को दस माह की बच्ची भी है. गांव के लोग आशीष की भलमानसता और मिलनसार स्वभाव के चर्चे कर कर के हाय काट रहे थे. दोपहर बाद आशीष के शव को नवगछिया नगर पंचायत के शव वाहन से उसके पैतृक गांव बछौता भेजा गया. देर शाम तक आशीष के षव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था. घटना के बाद आशीष के परिजनों पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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By Rishav Mishra Krishna

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