नवगछिया : स्नातक के छात्रों को नये सरकुलर में एडमिशन के लिए आन लाइन आवेदन करने में पसीने छूट रहे हैं. नवगछिया के सभी महाविद्यालयों के लिए जीबी कॉलेज में एक ही सेंटर बनवाये गये हैं. 18 जून से आनलाइन आवेदन करने प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. छात्रों ने बताया कि इस तरह की प्रक्रिया काफी जटिल है और परेशान करने वाला भी है.
– घंटों लाइन में खड़े रह कर आवेदन कर रहे हैं छात्र छात्राएं
– जीबी कॉलेज सेंटर पर कंप्यूटर खराब, प्राइवेट लैपटॉप से हो रहा है आवेदन
– कई छात्र बिना आवेदन किये ही लौट गये वापस
अगर इस तरह का नियम बनाना था तो पहले आनलाइन सेंटरों को दुरूस्त करने का काम करना था. जीबी कॉलेज की ओर से इस सेंटर के लिए खराब कंप्यूटर दिया गया है. इस कंप्यूटर में इंटरनेट कनैक्ट नहीं हो रहा है. जिसके कारण प्राइवेट लैपटॉप से छात्र छात्राओं के आवेदन किये जा रहे हैं. जीबी कॉलेज पहुंच कर पहले छात्र आन लाइन आवेदन करने के लिए पूरे महाविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं.

कॉलेज में इस तरह की सूचना का कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है. किसी तरह छात्र छात्राएं जब जगह तक पहुंच जाते हैं तो पता चलता है कि यहां लंबी लाइन है. शुक्रवार को कई छात्रों को बिना आवेदन किये ही लौटना पड़ा. खरीक प्रखंड के विषपुरिया के छात्र पिंटू, देवराज, चंद्रशेखर ने बताया कि वे लोग चार घंटे से कड़ी धूम में लाइन खड़े थे. अब समय समाप्त हो गया उनलोगों को बिना आवेदन किये ही वापस लौटना पड़ेगा. लत्तरा के सौरभ कुमार, मक्खातकिया के प्रशांत कुमार ने बताया कि एडमिशन के लिए सिर्फ आवेदन करना एक जंग जीतने के समान रहा. पांच घंटे तक धूप में पसीना बहाने के बाद उनलोगों ने फार्म भरने में सफलता पायी है.

छात्रों ने बताया कि एक फार्म भरने में कम से कम आधे घंटे से अधिक समय लग रहे थे. ऐसे में जीबी कॉलेज सेंटर पर शुक्रवार को 24-25 छात्र छात्रा ही एडमिशन के लिए आनलाइन आवेदन कर पाये. महाविद्यालय प्रशासन की ओर से इस बाबत कहा कि जीबी कॉलेज में सलाह के लिए सेंटर दिया गया है न कि आनलाइन आवेदन करने के लिए. आनलाइन आवेदन विभिन्न प्रखंडों व पंचायतों के बसुधा केंद्रों पर भी हो रहा है. छात्र छात्राएं वहां जा कर अपना आवेदन कर सकते हैं. इधर छात्र राजद के महाविद्यालय अध्यक्ष सुकेश यादव ने कहा कि महाविद्यालय में आनलाइन सेंटर के लिए कम से कम तीन काउंटर बनायें जाय अन्यथा वे लोग आंदोलन करने को विवश हो जायेंगे.


