न तो चापानल पानी दे रहा है और न ही अस्पताल में पेय जल की है व्यवस्था
नवगछिया : आपको जान कर हैरत होगी कि नवगछिया अनुमंडल के दस लाख की आबादी का एक मात्र रेफरल अस्पताल नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में अगर आपको प्यास लग जाय तो आप पानी ढ़ूढ़ कर थक जायेंगे लेकिन आपको कहीं भी एक बुंद पानी नहीं मिलेगा.
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल की ऐसी स्थिति एक दो माह से नहीं पिछले कर्ई माह से है. चिकित्सक और अस्पताल कर्मी अपने अपने घर से पानी ले आते हैं लेकिन मरीजों को मजबूरी में पैसे खर्च कर पानी खरीदना पड़ता है. नवगछिया अस्पताल अक्सर वैसे ही लोग आते हैं जो आर्थिक रुप से कमजोर होते हैं ऐसे में लोगों गाढ़ी कमाई पानी पर खर्च करना पड़ता है और पानी की व्यवस्था नहीं रहने से लोगवार क ाफी परेशान होते हैं. जबकि अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीज ओपीडी में रोज इलाज कराने आते हैं. 50 से अधिक मरीज यहां हर वक्त इलाजरत होते हैं. ऐसे में अस्पताल परिसर में पानी की व्यवस्था नहीं होना चिंता का विषय बना हुआ है.

चापानल और आरओ दोनों खराब
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल परिसर में लगाये गये सभी चापानल खराब पड़े हुए हैं. दूसरी तरफ पिछले वर्ष मरीजों के लिए लगाया गया आर ओ भी खराब पड़ा हुआ है. अस्पताल प्रबंधन से बात चीत किया तो पता चला कि पानी की अव्यवस्था की रपट कई बार जिला भेजा गया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
कहते हैं लोग
गोपालपुर प्रखंड से इलाज कराने आयी रेखा देवी ने कहा कि वह अपने बहु का प्रसव कराने के लिए यहां आयी है सुबह से शाम तक उसका 100 रुपया पानी में खर्च हो चुका है. लेकिन अभी भी वे लोग प्यासे हैं. एक बोतल पानी खरीद कर लाते हैं तो उसे दो से तीन आदमी मिल कर एक बार में ही पी जा रहे हैं. भ्वानीपुर की सुनीता देवी ने कहा कि हालत तो उस वक्त खराब हो गयी जब उसे भोजन दे दिया गया और उसके पास पानी नहीं था. रमेश कुमार ने कहा कि या तो सरकार की व्यवस्था ठीक नहीं है या फिर नवगछिया अनुमंडल अस्पताल की बदतर
हालत कर सरक ार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है. दिलखुश कुमार, सुमित कुमार आदि अन्य युवक अपने परिजनों का इलाज कराने आये हैं. युवकों ने कहा कि उन लोगों को पता चला है कि नवगछिया अनुमंडल अस्पताल की ऐसी हालत कई माह है लेकिन सत्ता पक्ष की बात तो दूर विपक्षी नेता भी अस्पताल की सुध लेने नहीं आते हैं.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक ने कहा कि चापानल को ठीक कराने के लिए विभाग को सूचना दी गयी है और आरओ को भी जल्द से जल्द ठीक कराया जायेगा.
कहते हैं सीएस
भागलपुर के सीएस डा विजय ने कहा कि यह गंभीर समस्या है. जल्द ही पेय जल की व्यवस्था अस्पताल में कर दी जायेगी.

