नारायणपुर- प्रखंड के शिवधारी सुखदेव उच्च बिधालय मौजमा गनौल में मंगलवार को नामांकन व फार्म भरने एवं साईकिल राशि व पोषक राशि के नाम पर सौ रुपया एवं दो सौ रुपये अवैध वसूली,शिक्षकों व प्रधानाध्यापक के बीच बराबर रुपये बँटवारे को लेकर गालीगलौज,धक्का मुक्की, शिक्षिकों का लेट से आना,छात्रों को एक बजे छुट्टी देने के बिरोध में उग्र छात्रों ने बिधालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया. विद्यालय की छात्रा सोनल, संतोषी, सरगम, शुभम, स्वाति, उज्जवल, प्रेमजीत, सोनु, अजीत, प्रितम, सत्यम, दिनकर, राहुल, बिवेक, मासुम, संजय सहित अन्य छात्रों ने बताया कि ग्यारहवीं कक्षा में फार्म के नाम पर सौ रुपये की वसूली की जा रही है,
साईकिल राशि मिलने के नाम पर दौ सौ रुपये प्रति छात्र लिया गया, नवमी कक्षा के नामांकन के नाम पर सौ रुपये लिया गया,ग्यारहवीं के नामांकन में सौ रुपये एवं फार्म भरने में 850 की रसीद दी गई जबकि सभी छात्रों से 950 रुपये लिये गए. बिज्ञान परिभ्रमण के लिए मई माह में राशि आई है लेकिन कहीं ले नहीं जाते हैं. किशोरी मंच, नेपकिन, सत्र 16/17 व 17/18 का पोशाक राशि, छात्रवृत्ति राशि, साईकिल राशि हमलोगों को नहीं दी गई है. जब प्रधानाध्यापक से साईकिल राशि, छात्रवृत्ति राशि सहित अन्य के बारे में चर्चा करते हैं तो उत्तेजित हो कर गालियां देने लगते है.

जिसको लेकर बिधालय के शिक्षक व प्रधानाध्यापक के बीच बराबर तु तु मैं मैं होती रहती है. पठन पाठन के नाम पर शून्य है और प्रतिदिन एक बजे बिधालय में छुट्टी दे दी जाती है. साथ ही शिक्षक ससमय कभी नहीं आते हैं. बराबर बिधालय में कई शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं. शिक्षकों के सह पर उदंड छात्र दिवाल पर छात्रा के नाम व अश्लील शब्द लिखते हैं.
मंगलवार को ग्यारह शिक्षक में शिक्षक राजीव नयन, चेतन परदेशी 9:30 में आए चार शिक्षक व प्रधानाध्यापक लगभग ग्यारह बजे बिधालय आए पाँच शिक्षक अनुपस्थित थे. जिसको लेकर छात्र छात्रा में आक्रोश देखा गया. वहीं प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार साह ने बताया कि हमलोग जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ बैठते हैं हर जगह पैसा देना पड़ता ह.महीने में तीन बार मीटिंग होती है छात्र सेै पैसा नहीं लेंगें तो पैसे घर से लगाएंगे.
साईकिल व पोशाक राशि बैंक की लापरवाही के कारण छात्र के खाते में नहीं गया है. हमलोगों का हर जगह पदाधिकारी व क्लर्क के साथ मैनेजमेंट है. वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी फुल बाबु चौधरी ने बताया कि छात्रों से सौ से दौ सौ रुपये वसूली करना गलत है.बिधालय कार्य से काम करने के लिए छात्र कोष में पैसा जमा रहता है. बच्चों से लेने का कोई हक नहीं है. प्रधानाध्यापक का वेतन रोक कर प्रपत्र क गठित कर जाँच की जाएगी.


