प्राइवेट स्कूलोें पर नकेल कसने की तैयारी मोदी सरकार ने शुरू कर दी हैं. प्राइवेट सीबीएसई स्कूलों में निजी किताबों से परेशान पैरेंट्स के अनुरोध पर भारत सरकार ने लगाम लगाने का फैसला किया है. 2017-18 सेशन से देश के सभी सीबीएसई स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबों को ही पाठ्यक्रम में चलाना होगा. सरकार के इस फैसले से लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी. निजी प्रकाशकों की किताबों का दाम आसमान पर होता हैं ऐसे में गरीब पैरेंट्स को बहुत दिक्कतों का सामना करना पर रहा था.
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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक यह फैसला केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर की अध्यक्षता वाली एक समीक्षा मीटिंग में लिया गया है. रिपोर्ट में एक वरिष्ठ एचआरडी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि एनसीईआरटी को पर्याप्त संख्या में मार्च के अंत तक देश भर में पुस्तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है ताकि शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए अप्रैल तक की सीमा पूरी हो सके. सभी सीबीएसई स्कूलों को 22 फरवरी, 2017 तक सीबीएसई की वेबसाइट पर मांग ऑनलाइन जमा करनी होगी.

एचआरडी मिनिस्ट्री का यह फैसला स्कूलों और पैरंट्स की शिकायत पर आया है. उनलोगों की शिकायत थी कि एनसीईआरटी की किताबें समय पर उपलब्ध नहीं होती हैं. कई पैरंट्स ने यह भी शिकायत की थी कि स्कूल निजी प्रकाशकों की काफी महंगी किताबें बेच रहे हैं.
