PATNA : अंजनी कश्यप, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे की सांसद निधि की राशि में भारी लूट खसोट हुई है। सोलर लाइट के नाम पर लाखों रूपये का बंदरबांट कर लिया गया है। गंभीर बात ये है कि घोटाले में आरोप मंत्री के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे पर लग रहा है। सरकारी जांच में भी घोटाले की बात स्वीकारी जा चुकी है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है।


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सोलर लाइट लगाने के नाम पर हुई लूट खसोट
एक साल पहले बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे ने अपने सांसद निधि से 25 जगहों पर हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने की अनुशंसा की थी। मंत्री जी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने सोलर लाइट खरीदने की प्रक्रिया शुरू की और औरंगाबाद की एक एजेंसी अखौरी अजय प्रकाश को इसका ठेका दे दिया। अखौरी अजय प्रकाश को एक सोलर लाइट दो लाख 96 हजार 663 रूपये में लगाने का ठेका मिला। यानि पचीस सोलर लाइट के लिए 74 लाख 16 हजार रूपये का भुगतान कर दिया गया।

ऐसे हुआ घोटाला

सांसद निधि से सोलर लाइट लगाने की इस प्रक्रिया में तमाम सरकारी आदेशों को ताक पर रख दिया गया। लूट खसोट का आलम ये था कि बाजार भाव से लगभग तीन गुणे रेट पर सोलर लाइट खरीदे गये। वह भी उनकी गुणवत्ता परखे बगैर। घोटाले की कई शिकायतें आयीं तो इसी साल बक्सर के डीडीसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम ने इस खरीद की जांच की। जांच टीम ने पाया कि इस खरीद में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ। उसकी रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने काफी पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कहीं भी सोलर लाइट की खरीद केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के मापदंड के आधार पर होगा। MNRE ने 2012-13 में ही निर्देश दिया था कि सोलर सिस्टम की खरीद 200 रूपये प्रति वाट के हिसाब से होगा।यानि सांसद कोष से जो लाइट लगाये गये उसका मूल्य सिर्फ 1 लाख 4 हजार रूपया होता है। लेकिन अश्विनी चौबे के कोष से 2 लाख 96 हजार 663 रूपये में एक सोलर लाइट की खरीद की गयी। यानि तकरीबन पचास लाख रूपये की लूट खसोट कर ली गयी। हद तो ये कि राज्य सरकार ने 2012 में ही ये आदेश दिया था कि सोलर लाइट की खरीद सरकारी एजेंसी ब्रेडा के जरिये की जायेगी। लेकिन बक्सर में भी सरकार के उस आदेश को भी धत्ता बता दिया गया।

प्रशासन ने जांच रिपोर्ट दबायी, नरेंद्र मोदी से लगायी गयी गुहार

बक्सर जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट चार महीने पहले ही आयी है। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। अब लोक चेतना मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है कि उनके खाऊंगा न खाने दूंगा के नारे का क्या हुआ। लोक चेतना मंच ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे ने इस घोटाले को अंजाम दिया है। लोक चेतना मंच के संयोजक मिथलेश कुमार सिंह ने पीएम से सवाल पूछा है कि क्या वे अपने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई का साहस जुटा पायेंगे।

By न्यूज़ डेस्क

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