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नवगछिया: सावन के पहले सोमवार को सुबह ४ बजे से ही भक्तो का आगमन शुरू हुआ जिसमे माता, बहने और बच्चे जायदा संख्या में शामिल थे मंदिर कमिटी के द्वारा भक्तो के लिए मीठे जल और चाय की व्यवस्था की गयी जिसमे लगभग हजारो लोगो ने आनंद उठाया मंदिर कमिटी ने बताया कि सावन के हर सोमवार को बाबा का जागरण में मंदिर परिसर में संध्या ८ बजे से १० बजे तक होता है जिसमे बाबा के भक्तो के द्वारा भगवान शिव के भजनों में डूबकी लगायी जाती है और उसके बाद महाआरती के बाद प्रसाद वितरण होता है


कहते है चंद्रमा की शांति के लिए चंद्रमौलेश्वर भगवान शिव की पूजा का विधान सोमवार व्रत हेतु प्रशस्त माना गया है। यह व्रत श्रावण के सोमवारों को किया जा सकता है। इससे चंद्र की पीड़ा के साथ-साथ अन्य सभी कष्टों का भी शमन होता है। चंद्र के बीज मंत्र ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः’ का कम से कम 3 माला जप करना चाहिए। इस व्रत से मानसिक संताप का शमन होता है, शांति मिलती है और पुत्र, धन आदि की प्राप्ति होती है। सोमवार का व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि यह महेश्वर का व्रत है।

मौके पर मंदिर के पुजारी रंजन बाबा कमिटी के अध्यक्ष किशन देव यादव, उपाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद, सत्यानेद्र नारायण चौधरी, प्रेम सागर यादव सचिव किशन साह, चन्देश्वरी सिंह, संतोष साह, रणजीत चौधरी, अमर गुप्ता, राजेश सर्राफ, मनीष भगत, अमित जयसवाल, विक्की शर्मा, राजकिशोर भगत, शैलेन्द्र गुप्ता, मदन भगत, अरुण कसेरा, राम जी गुप्ता, पंकज भगत, शम्भू गुप्ता ,कन्हैया भगत इत्यादि मौजूद थे
