– अशोक कुमार मंडल ने दायर किया नालसी वाद
– सीओ पर लाख लेकर जमीन जमीन पर कब्जा कराने का लगाया आरोप
नवगछिया : खरीक प्रखंड के बहत्तरा उच्च विद्यालय के मैदान में गांव के ही लोगों द्वारा बनाई जा रही झोपड़ी के मामले में गांव के ही अशोक कुमार मंडल ने नवगछिया व्यवहार न्यायालय में मुकदमा दायर किया है. दर्ज मुकदमे में उन्होंने खरीक अंचल अधिकारी नीलेश चौरसिया सहित परबत्ता थाना क्षेत्र के बहत्तरा सहनी टोला निवासी नागेश्वर साहनी, परमानंद साहनी, तेतर साहनी, सुमित साहनी, जामुनी साहनी, पंकज साहनी, पवन साहनी सहित परबत्ता थाना के दस पुलिस बलों को नामजद नाम जान किया है. अशोक कुमार मंडल अपने नालसी वाद में बताया है कि 17 मई 1976 ई को उनके पिता भागवत मंडल ने सार्वजनिक हित में एक कित्ता जमीन रजिस्ट्री केवाला के माध्यम से उच्च विद्यालय को दान में दिया था.
जिस पर विद्यालय का पूर्ण दखल कब्जा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सभी लोग साजिश के तहत कपट पूर्ण तरीके से सीओ निलेश कुमार चौरसिया द्वारा निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए उच्च विद्यालय की निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से परबत्ता थाना पुलिस को बहकाकर जबरन खेल के मैदान में अनाधिकृत व्यक्ति को अतिक्रमण कराने के लिए तरह-तरह के भवन का निर्माण करा रहे हैं. ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर गाली गलोज किया गया जाता है. ग्रामीणों के विरोध पर सीईओ ने कहां की हम अंचल अधिकारी हैं. जो मन में होगा वही करेंगे. हम रसीद वगैरह को नहीं मानते हैं. उन्होंने नालसी वाद में दिया है कि इस संबंध में उन्होंने नवगछिया एसडीओ से भी मिले.
उन्होंने इस संबंध में परबत्ता थाना को सूचना देने की सलाह दी. लेकिन उन लोगों द्वारा परबत्ता पुलिस को भी मेल में ले लिया जिस कारण केस नहीं लिया. अशोक मंडल ने आरोप लगाया है कि सीओ निलेश चोरसिया ने अभियुक्त नागेश्वर सिंह साहनी से एक लाख रुपये लेकर विद्यालय की सरकारी संपत्ति को अवैध रूप से कब्जा कराने का आश्वासन दिए हैं. उस आश्वासन के आलोक में अवैध तरीके से कब्जा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उक्त जमीन के संबंध में उच्च न्यायालय पटना में अपील दायर किया गया है जो लंबित है.

सीओ निलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि स्कूल की जमीन जिस पर विवाद हुआ है उक्त जमीन का नागेश्वर साहनी के पास नवगछिया व्यवहार न्यायालय का एडीजे थ्री कोर्ट से जजमेंट प्राप्त है. वही दूसरे पक्ष परमानंद मंडल द्वारा हाईकोर्ट में अपील किया गया है लेकिन मुकदमा नहीं हुआ है. तत्काल वहां कार्य को रोक दिया गया है. इंटर परीक्षा के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. वे इस संबंध में वह मानहानि का केस भी दायर करेंग.


