सिपाही के 9900 पदों पर बहाली के लिए रविवार को दो पालियों में लिखित परीक्षा हुई। कई मुन्नाभाई समेत कदाचार में लिप्त दर्जनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। खबर लिखे जाने तक केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने फर्जीवाड़े के आरोप में 63 गिरफ्तारी की पुष्टि की।
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केंद्रों पर विडियोग्राफी की भी थी व्यवस्था
सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा 15 अक्टूबर को राज्य के 716 केन्द्रों पर हुई। चयन पर्षद ने 7 लाख 93 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए पो पालियों में परीक्षा आयोजित की थी। कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए केन्द्रों पर सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए गए थे। गड़बड़ी न हो इसके लिए विडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गई थी। अब 22 अक्टूबर को एक पाली में लिखित परीaक्षा होगी।

खबर लिखे जाने तक केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) को जो जानकारी प्राप्त हुई थी, उसके अनुसार मुंगेर में 6, बांका में 3, सुपौल में 5, मधुबनी में 2, भोजपुर में 2, जहानाबाद में 19 (इनमें 13 की परीक्षा से पहले गिरफ्तारी), सीवान में 3, बक्सर में 2, नवादा में 9 और नालंदा में 6 गिरफ्तारी हुई है। कई अन्य जिलों में भी गिरफ्तारी की खबर है। चयन पर्षद इस बाबात जिलों से रिपोर्ट तलब कर रहा है।
केएस द्विवेदी, डीजी सह अध्यक्ष केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने कहा, लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हुई है। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। काफी लोग कदाचार करते या कदाचार की कोशिश में पकड़े गए हैं। वाट्सएप और ब्लूटूथ के जरिए भी कदाचार की कोशिश की गई पर कामयाबी नहीं मिली।
लखीसराय में एसएस कॉलेज केंद्र व केआरके हाई स्कूल केंद्र के बाहर कुछ लड़कों के हाथ में ये पुर्जी देखी गई थी। प्रशासन को खबर लगते ही सभी पुर्जी फेंक नौ दो ग्यारह हो गए। इधर, प्रशासन ने इसे महज एक अफवाह बताया है। एसडीओ मुरली प्रसाद सिंह और एसडीपीओ पंकज कुमार ने कहा कि यह असामाजिक तत्वों की करतूत होगी। कहीं से कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।

