तेतरी दुर्गा मंदिर में धूमधाम से मना स्थापना दिवस, दीपों से जगमगाया मंदिर परिसर
नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल के प्रसिद्ध तेतरी दुर्गा मंदिर में स्थापना दिवस श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को दीपों से सजाया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। पूरे मंदिर परिसर में माता के जयकारे और भक्ति गीत गूंजते रहे। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
हिंदी पंचांग के अनुसार, वर्ष 2005 में कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मंदिर की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। इसी तिथि पर प्रत्येक वर्ष मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है। स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
दीपों की रोशनी से जगमगाया मंदिर परिसर
स्थापना दिवस को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम होते ही श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर माता की आराधना की। इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

माता के जयकारों और भक्ति गीतों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की उपस्थिति से मंदिर परिसर में उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला। पूजा-अर्चना के बाद सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
करीब 400 साल पुराना है तेतरी दुर्गा मंदिर का इतिहास
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, तेतरी दुर्गा मंदिर का इतिहास करीब 400 से 425 वर्ष पुराना माना जाता है। मंदिर की स्थापना लगभग 1600 ईस्वी के आसपास होने की मान्यता है। करीब 10 मंजिला ऊंचाई वाला यह मंदिर नवगछिया क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है।
मंदिर के प्रति आसपास के गांवों के लोगों की गहरी आस्था है। धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। तेतरी दुर्गा मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है।
