ऋषव मिश्रा कृष्णा, नवगछिया : भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिले के बिहपुर के झंडापुर गांव के महादलित टोले में हुए तिहरा हत्याकांड का नवगछिया पुलिस ने 25 दिनों बाद पूरी तरह से उद्भेदन कर लेने का दावा किया गया. बात सामने आयी है कि हवस के भूखे वहशी दरिंदों ने उक्त वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों में झंडापुर के ही बलराम राय उर्फ बाले राय, पिता सज्जन राय, कन्हैया झा, पिता नरेश झा, झंडापुर के ही मोमिन टोला निवासी मो महबूबा, पिता स्व मो इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने तीनों के इकबालिया बयान में बतायी गयी बातों के आधार पर तीनों के घरों से हत्याकांड में प्रयुक्त हथियारों और आरोपियों के खून सने कपड़ों की भी बरामदगी कर ली है.
बरामद सामानों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया गया है. इस संदर्भ में नवगछिया पुलिस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में नवगछिया एसपी ने कहा कि पिछले दिनों इसी कांड में झंडापुर जागीर टोला के मोहन सिंह को प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर जेल भेजा गया था. गहन अनुसंधान में यह स्पष्ट हो गया कि मोहन भी इस हत्याकांड में प्रत्यक्ष रूप से संलिप्त हैं. तो दूसरी तरफ पांच से छ: अन्य अपराधियों के भी नाम सामने आये हैं. इनमें झंडापुर ओपी के ही दयालपुर निवासी अरुण झा के पुत्र अमन झा और दयालपुर के ही एक युवक का नाम सामने आया है. यह युवक मोहन का सागिर्द बताया जा रहा है. नवगछिया एसपी पंकज सिंहा ने बताया कि तीन से चार और आरोपियों के नाम सामने आये हैं जिनमें दो संदिग्ध हैं. पुलिस फरार चल रहे लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

जानकारी मिली है कि पुलिस ने मो महबूबा के घर से एक हुलसी, एक लाल धब्बा लगा हुआ टी शर्ट, गढ़ासा, और चाकू बरामद किया है. कन्हैया झा के घर से घटना के समय पहने गये खून सना कारगो पेंट, फूल शर्ट, दो गढ़ासा, खंती बरामद किया है. बलराम राय के घर से दो चाकू, एक लाठी, एक खून सना गमछा, एक फूलपेंट एवं लूंगी बरामद किया गया है. पुलिस के अनुसंधान में आयी बातों का मिलान पटना के पीएमसीएच में एडमिट बिंदी उर्फ राधा के बयान से कर लिया गया है. दोनों कहानी में जरा भी भिन्नता नहीं है. मोहन की तरह ही अमन झा और बलराम राय का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. घटना का कारण अश्लील हरकत करने का विरोध बताया गया है. नवगछिया एसपी ने कहा कि इस कांड में सार्थक पहल करने वाले सभी पुलिस पदाधिकारियों को प्रशस्ती पत्र एवं नकद पुरस्कार दिया जायेगा. जानकारी मिली है कि कांड के उद्भेदन में नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन, नवगछिया के डीएसपी मुख्यालय पीके झा, झंडापुर के थानाध्यक्ष अनि जवाहरलाल सिंह, खरीक के थानाध्यक्ष अनि सुदीन राम, इस्माइलपुर के थानाध्यक्ष अनि संतोष कुमार, परवत्ता के थानाध्यक्ष अनि शिव कुमार यादव, नवगछिया के थानाध्यक्ष इस्पेंक्अर संजय कुमार सुधांशु, भागलपुर की पुलिस पदाधिकारी अनि रीता कुमारी की भागीदारी रही है.

सामने आयी पूरी कहानी
नवगछिया के एसपी पंकज सिंहा ने बताया है कि गिरफ्तार किये गये अपराधियों और सम्यक रूप से किये गये वैज्ञानिक अनुसांधान में घटना की एक प्रमाणिक कहानी सामने आयी है. बिंदी ने भी इसी तरह की कहानी को बयान किया है. घटना के एक पखवाड़ा पूर्व जब बिंदी उर्फ राधा अपने आंगन स्थित नल पर स्रान कर रही थी तो उस समय बलराम, अमन, कन्हैया ताक झांक कर रहा था. तीनों की इस हरकत को कनिक ने देख लिया था और इसके बाद तीनों को कनिक ने डांट फटकार भी लगायी थी. उसी समय तीनों अपराधियों ने कनिक को पूरे परिवार के साथ हत्या कर देने की धमकी दी थी.
घटना की रात्रि को कनिक राम के आवास के समीप ही मामले में सुलह करने का बहाना बना कर बलराम राय, मोहन सिंह, अमन कुमार झा, कन्हैया झा, मो महबूबा, दयालपुर का एक युवक जो मोहन का सागिर्द था, मोहन सिंह और अन्य दो व्यक्ति मौके पर जुटे थे. सभी वहां पर ताड़ी और मछली का सेवन कर रहे थे. रात में दस बजे के करीब कनिक राम और उसका सबसे छोटा पुत्र छोटू अपने घर के दक्षिण पलानी में सो गया तो बिंदी और उसकी मां मीना देवी घर में सो गयी. रात को एक से दो बजे के बीच में बलराम राय उर्फ बाले, कन्हैयार झा बिंदी के कमरे में घुस गये और दोनों ने मिल कर बिंदी का मुंह दबा दिया और बलात्कार करने के उद्देश्य से सलवार खोल दिया.
इस बीच जब बिंदी की मां जग गयी तो मोहन कमरे में प्रवेश कर गया और मीना देवी के मुंह में कपड़ा ठूंस कर उसके सर पर धारदार और भारी हथियार से बार बार प्रहार किया, जिससे मीना देवी की मृत्यु हो गयी. इस बीच कन्हैया और बाले ने भी दुष्कर्म का विरोध किये जाने पर बिंदी के भी सर व शरीर के अन्य हिस्सों पर प्रहार किया. अपराधी बिंदी को मरा हुए समझ कर छोड़ दिया. इधर हल्ला सुन कर कनिक राम और उसका पुत्र छोटू मौके पर पहुंचा तो कनिक राम को बरामदा के सामने जमीन पर पटक कर लोहे के रड से पैर पर प्रहार कर पैर तोड़ दिया और अमन झा, महबूबा और अन्य अपराधियों ने तेज धार और भारी हथियारों से प्रहार कर कनिक की हत्या कर दी. इसी तरह से छोटू पर भी हत्यारों ने प्रहार किया और उसे मरा हुआ समझ कर भाग गये. मालूम हो कि सुबह होने पर छोटू और बिंदी जीवित थे. छोटू की मृत्यु इजाल के क्रम में हो गयी तो बिंदी अभी भी पटना पीएमसीएच में इलाजरत है.
कहते हैं एसपी
नवगछिया के एसपी पंकज सिंहा ने बताया कि मामले में फरार चल रहे अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. घटना में उपयोग किये गये सामानों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जायेगा. साथ ही पुलिस इस मामले में एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में आरोप पत्र दायर कर देगी और मामले का स्पीडी ट्रायल करवा कर हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाया जायेगा. त्नएल्लडिाटं३३ी१

