नवगछिया : शिव शक्ति योग पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद परमहंस जी महाराज के सानिध्य एवं निर्देशन में जगत जननी जगदंबा माता महासमर साहनी उग्र काली के दरबार में राजोपचार विधि द्वारा पूजन एवं छप्पन भोग तथा पंडित कौशलेंद्र झा एवं उनके सहयोगी 54 पंडितों के द्वारा धारा पाठ एवं विभिन्न स्रोतों का पाठ प्रारंभ हुआ. साथ ही साथ अनेक मनीषियों एवं प्रवक्ताओं द्वारा जगत जननी जगदंबा के चरित्र का बखान ज्ञान मंच द्वारा किया गया. व्यास मंच पर आसीन स्वामी आगमानंद परमहंस जी के द्वारा काली चरित्र एवं उनके उपासना विधि का विस्तृत वर्णन किया स्वामी जी ने कहा इस कलिकाल में भगवती की उपासना से मनुष्य सभी बाधाओं से मुक्ति एवं धन-धान्य पुत्र पुत्री की प्राप्ति कर सकते हैं. यह बात शास्त्रों में भी वर्णित है कि मनुष्य जगत जननी की उपासना जिस-जिस मनोकामना से करते हैं, वह अवश्य पूर्ण होता है.
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इसका उदाहरण माता मसानी कालिका के दरबार में देखा जा सकता है. यहां नित्य लोगों का तांता लगा रहता है. यह माता उग्र कालिका का दरबार एक सिद्ध शक्ति पीठ है. माता का स्वरूप नित्य वर्धन शील है यहां जो भी लोग जिस मन्नत से आते हैं. माता के दर्शन मात्र से उनके मनोकामना पूर्ण होती है यह माता अनेक विषयों द्वारा सेवित रही है. इस कार्यक्रम में ऐसा लगता था की जन सैलाब उमड़ पड़ा हो गाड़ियों की लंबी कतार पैदल आने वाले भक्तों की संख्या इतनी अधिक थी कि जहां तहां जाम लग गया था

भक्तों को आने में कष्ट ना हो इसके लिए कालिका मंदिर के सेवा समिति के सदस्य उमेश जायसवाल, भोला ठाकुर, पंडित दिनेश झा, उत्तम लाल शर्मा, बिंदेश्वरी यादव, पप्पू अन्य ग्रामीण मौजूद थे. मंच पर बिहार के जानी मानी हस्ती अपने वाद्ययंत्रों के साथ स्वीकृत कर रहे थे. बैंजो पर जुगनू, वादक राजू त्रिपाल, तबला पर नंदन जी एवं गायन में बलवीर सिंह बग्गा, किशोर, सुर सम्राट माधवानंद ठाकुर जी कर रहे थे. मंच संचालन का कार्य नवीन प्रसाद सिंह जी कर रहे थे. पंडाल की सेवा व्यवस्था में शरद योगी, सूरज झा, अभिनव मानष, दीपक सांडिल्य, राजू सिंह, चन्द्र ठाकुर, उत्तम जी, बलराम जी, दयाशंकर जी, अरूण जी, पंकज भारती और केशव मौजूद थे.

