बरसात के पहले विजय घाट संपर्क पथ का निर्माण कार्य पूरा होने पर ग्रहण लगता दिख रहा है। डीएम ने पुल निर्माण निगम व नवगछिया एसडीओ को बरसात के पहले निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है, लेकिन हालात यह है कि अब तक करीब दर्जन भर किसानों को न तो जमीन का मुआवजा मिला है और न ही ठेकेदार संपर्क पथ में मिट्टी भराई का काम पूरा कर सके हैं।
दो साल पहले बिना संपर्क पथ के ही विजय घाट पुल का उद्घाटन कर दिया गया था। इसके बाद से संपर्क पथ के लिए करीब 800 मीटर जमीन अधिग्रहण का काम अटका हुआ था। मुआवजा नहीं मिलने के कारण किसान जमीन को खाली नहीं कर रहे थे। प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार के हस्तक्षेप के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की गति में तेजी आई, लेकिन अब भी दर्जन भर किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। अधिकारी का कहना है कि किसानों का आधार नंबर नहीं रहने के कारण मुआवजा राशि बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं की गई है। बिना आधार के भुगतान करने पर किसानों को नुकसान होगा। हालांकि एक किसान उमाकांत सिंह को छोड़कर शेष सभी ने घर व बासा को तोड़कर हटा लिया है, लेकिन काम की गति को देखने से लग रहा है कि 800 मीटर सड़क निर्माण में आठ महीने का समय लग सकता है।
काम में तेजी लाने के लिए ठेकेदार को फटकार
संपर्क पथ के निर्माण की मॉनेटरिंग कर रहे नवगछिया एसडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि डीएम ने बरसात के पहले सड़क निर्माण का काम पूरा करने का निर्देश दिया है, लेकिन ठेकेदार सुस्ती से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले एडीएम के साथ संपर्क पथ को देखने गए थे। काम की गति देख ठेकेदार को फटकार लगाई गई। अभी मिट्टी भराई का काम पूरा नहीं हुआ है। बरसात के पहले सड़क निर्माण पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन काम की गति देख संभव नहीं लग रहा है।

सहरसा व मधेपुरा का सफर होगा आसान
संपर्क पथ बन जाने से सहरसा और मधेपुरा की दूरी कम हो जाएगी। सफर आसान हो जाएगा। भागलपुर से कोसी को जोड़ने वाला विजय घाट पुल महत्वपूर्ण है। सड़क नहीं बनने के कारण लोग कीचड़ और धूल में सनकर जबरन पुल के रास्ते सफर कर रहे हैं। बरसात में कीचड़ के कारण लोगों को परेशानी होती है।


