बालीवुड अभिनेता विवेक ओबरॉय पुलवामा में शहीद भागलपुर निवासी रतन ठाकुर के बीमार नवजात को देखने के लिए रांची के रानी चिल्डेन अस्पताल आए थे। नवजात की कोमल उंगलियों को जैसे ही स्पर्श किया, नवजात ने भी झट से उनकी भी उंगली पकड़ ली और अपनी आंखें खोल मुस्कराया। जैसे, नवजात विवेक को बहुत पहले से जानता हो। इस आत्मीयता को देख वहां खड़े परिजनों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई।
यही नहीं, विवेक ने नवजात का नामकरण भी किया। नाम रखा-वीर रामरतन ठाकुर। बच्चे के दादा राम निरंजन ठाकुर ने बताया कि बच्चा राम नवमी के समय जन्म लिया था। इसलिए बच्चे का नाम भगवान राम और अपने वीर शहीद पिता के नाम को जोड़ते हुए रखा गया। विवेक ने बच्चे की मां और दादा को वचन दिया कि बच्चे की देखभाल वे खुद करेंगे। हालांकि कई ऐसे क्षण आए, जब विवेक और दादा की आंखें नम हो गईं।

बच्चे का हाल जानने के बाद मीडिया से मुखातिब विवेक ने बताया कि अखबार में छपी खबर से बच्चे के बारे में पता चला। इसके बाद से लगातार अस्पताल प्रबंधन और शहीद रतन ठाकुर के परिजनों से फोन कर बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे थे। अस्पताल पहुंचते ही उन्हें खुशखबरी मिली कि बच्चा पहले से काफी स्वस्थ है। चार-पांच दिनों में स्थिति में और सुधार हो जाएगा, इसके बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि रतन ठाकुर के शहीद होने के बाद पूरे परिवार के लिए दुख की घड़ी थी। जिस शहीद ने हमारे लिए इतना कुछ किया, पूरे देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी, उस शहीद के परिवार के लिए कुछ करने की चाह थी।

यह बच्चा पूरे देश का : विवेक ने बच्चे के दादा राम निरंजन ठाकुर से कहा कि यह बच्चा हमारे परिवार का बच्चा है। यह पूरे देश का बच्चा है। ऐसे बहुत कम ही लोग होते हैं, जो अपने बेटे के शहीद होने के बाद भी पोते को सेना में भेजने का साहस और जज्बा दिखाते हैं। शहीद रतन ठाकुर के पिता ने पहले भी अपने पोते को फौज की वर्दी पहनाने की बात कही थी।


