पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को हरिद्वार स्थित गंगा में रविवार को प्रवाहित किया जायेगा. भाजपा के मुताबिक, इस दौरान अटलजी के परिवार के सदस्यों के अलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत मौजूद रहेंगे.

भाजपा के प्रवक्ता भूपेंद्र यादव ने बताया कि अटलजी की अस्थियों को देश की 100 नदियों में प्रवाहित किया जायेगा. इसके अलावा, 20 दिनों तक देश के सभी राज्यों में प्रार्थना सभाएं होंगी. दिल्ली में 20 अगस्त को इंदिरा गांधी स्टेडियम में शाम चार बजे प्रार्थना सभा रखी गयी है. इसके बाद 23 अगस्त को लखनऊ में आयोजन होगा.

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाजपेयी की अस्थियां यूपी के सभी जिलों की मुख्य नदियों में प्रवाहित की जायेंगी, ताकि राज्य की जनता को भी उनकी अंतिम यात्रा से जुड़ने का अवसर मिल सके. उनकी अस्थियां आगरा में यमुना तथा चंबल नदी में, इलाहाबाद में गंगा, यमुना और तम्सा, वाराणसी में गंगा, गोमती तथा वरूणा, लखनऊ में गोमती, गोरखपुर में घाघरा, राप्ती, रोहिन, कुआनो और आमी, बलरामपुर में राप्ती, कानपुर नगर में गंगा, कानपुर देहात में यमुना, अलीगढ़ में गंगा तथा करवन, कासगंज में गंगा, आंबेडकर नगर में घाघरा तथा तम्सा में प्रवाहित की जायेंगी. मालूम हो कि गुरुवार को अटलजी का निधन एम्स में हुआ था.

विसर्जन के लिए तीन तीर्थ पुरोहित आये सामने

वाजपेयी के अस्थि विसर्जन को लेकर तीन तीर्थ पुरोहितों द्वारा किये जा रहे दावों से प्रशासन असमंजस में है. पंडित अखिलेश शास्त्री ने बही दिखाते हुए वाजपेयी के तीर्थ पुरोहित होने का दावा किया है. इसके अलावा, हर की पैड़ी निवासी तीर्थ पुरोहित शैलेश मोहन ने अपनी बही दिखाते हुए कहा कि अटलजी मूलरूप से आगरा के समीप स्थित बटेश्वर के रहने वाले थे. उधर, पंडित उपेंद्र भगत ने कहा कि बटेश्वर गांव के पुरोहित वह हैं, इसलिए अस्थि प्रवाह वे करायेंगे.

सभी राज्यों को दिये जायेंगे अस्थि कलश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि यहां 20 अगस्त को होने वाली प्रार्थना सभा के बाद सभी राज्यों को अटलजी के अस्थि कलश दिये जायेंगे. इन्हें मध्यप्रदेश की नर्मदा, सोन, चंबल, केन, ताप्ती, बेतवा, पार्वती नदियों में प्रवाहित की जायेंगी.

मप्र सरकार ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की

मध्यप्रदेश सरकार ने अटलजी की स्मृति में उदयीमान कवि, पत्रकारिता तथा सुशासन के क्षेत्र में पांच-पांच लाख रुपये के तीन पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष देने की घोषणा की है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वाजपेयी की जीवनी अगले शिक्षा सत्र से प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने का भी एलान किया.

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By न्यूज़ डेस्क

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