इस महीने में मरीजों और आम लोगों को जरूरी दवाइयां मिलने में मुश्किल हो सकती है। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन 22, 23 और 24 जनवरी को राज्यभर की दवा दुकानों को बंद रखने की तैयारी कर चुका है। इस संबंध में एसोसिएशन ने सरकार को भी पत्र दिया है। संघ के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार द्वारा बिना फार्मासिस्ट के दवा दुकानों का लाइसेंस रद्द करने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में फार्मासिस्टों की घोर कमी के कारण हर दुकान में एक फार्मासिस्ट नहीं रखा जा सकता।
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इस फरमान के कारण सैकड़ों दुकानों का लाइसेंस रद्द हो चुका है। खासकर जिला और प्रखंड स्तर के दुकानों को ज्यादा दिक्कत है। इससे राज्यभर के दवा व्यवसायियों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। फार्मासिस्ट नहीं रहने के कारण कई बार ड्रग इंस्पेक्टर भी दुकानदारों को परेशान करते हैं। इन सबके विरोध में दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

दवाओं की इमरजेंसी सेवा भी बंद रहेगी
प्रसन्न कुमार ने बताया कि इस बार दवाओं की इमरजेंसी सेवा भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अब से पहले के बंद के दौरान इमरजेंसी सेवा को जारी रखा जाता था। कहा कि रविवार को राज्यभर के दवा दुकानदार संघ के प्रतिनिधियों की बैठक चैंबर भवन में होगी। उसी दिन हड़ताल पर जाने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

