भागलपुर : रेशमी शहर की रहने वाली ऋचा झा को जिले का आइकॉन बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। ऋचा को 2017 में आइडियल मद अवार्ड मिल चुका है।
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लोकसभा चुनाव 2019 में मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करेंगी। उप निर्वाचन अधिकारी श्वेता कुमारी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी काम कर चुकी हे। वर्ष 2018 में उसे दो इंटरनेशनल अवार्ड भी मिला है।

जानिए कौन हैं ऋचा झा
ऋचा झा वर्तमान में भागलपुर के नयाबाजार मुहल्ले रहतीं हैं। यहां वह कई सामाजिक संगठनों से जुड़कर काम करतीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके जीवन में कई उपलब्धियां हैं। उनका जन्म मोतीहारी में हुआ है, वहीं उनका पैतृक घर है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा वहीं से प्राप्त की। हालांकि वे भागलपुर मारवाड़ी कॉलेज से बीसीए में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने एमसीए तक की पढ़ाई की है। हालांकि अभी भी वे पढ़ाई कर रहीं हैं। जमालपुर में उनकी शादी हुई। उनके पति साकेत झा जमालपुर में रहकर रेलवे में कार्य करते हैं। उनको एक पुत्र है, जिसका नाम इव्यान है।

बोलीं ऋचा झा
ऋचा झा ने कहा कि वे भागलपुर जिले में का चुनाव के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। उनको पूरा विश्वास है कि उस जिम्मेदारी तो वे भली—भांति पूरा कर लगें। इसके लिए वे भागलपुर जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे मतदाताओं को जागरूक करेंगी। हालांकि उनका विशेष फोकस ग्रामीण क्षेत्र में होगा।
वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रत्येक दिन जिला प्रशासन की योजना से लोगों के बीच जाएंगी। शहरी क्षेत्र में भी उनका कई कार्यक्रम होगा। उन्होंने आगे बताया कि वोट डालना सभी का अधिकार है। इस अधिकारी से किसी को वंचित नहीं होना चाहिए। मतदान करके ही हम बेहतर उम्मीदवार का चयन कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि मतदान स्वेच्छा से करनी चाहिए। किसी के दबाव में नहीं। जो बेहतर लगे उन्हें मतदान करें, लेकिन मतदान जरूर करें।

