एसिड एटैक मामले में पीड़िता के बयान से जेल में बंद प्रिंस और राजा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कोर्ट के समक्ष पीड़िता के दिए गए बयान को महत्वपूर्ण सबूत माना जाता है। बयान के आधार पर पुलिस आरोपी मनीष कुमार और रंजीत साह को गिरफ्तार कर सकती है। एसआईटी आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने की तैयारी कर रही है। तीन महीने के अंदर पुलिस को इस मामले में अंतिम निर्णय लेना है।.
पॉक्सो मामले के विशेष लोक अभियोजक शंकर जयकिशन मंडल ने कहा कि एसिड अटैक मामले को लेकर दर्ज एफआईआर में प्रिंस को नामजद आरोपी बनाया गया है। पीड़िता के 161 के बयान में प्रिंस और राजा को आरोपी बनाया गया और कोर्ट के समक्ष 164 में चारों बदमाशों के नाम का खुलासा हो गया है। एफआईआर और बयान के आधार पर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को अगर कोई अगर दूसरा सबूत मिला है तो उसे भी कोर्ट के समक्ष रखना होगा। पीड़िता के बयान को दबाया नहीं जा सकता है।

इधर, परिवारवालों का कहना है कि पुलिस क्या जांच कर रही है, कुछ समझ में नहीं आ रहा। पीड़ित पक्ष को ही आरोपी ठहराया जा रहा है। घटना के बाद से परिवार की हालत को किसी की चिंता नहीं है। अस्पताल में बेसुध पड़ी पीड़िता गलत क्यों बोलेगी। घटना के तुरंत बाद की स्थिति और बाद के हालात में काफी अंतर होता है। । .
प्रिंस की मां डीआईजी से मिली: जेल में बंद प्रिंस की मां और भाई शनिवार को डीआईजी से मिले। कहा प्रिंस नशे का आदी था। दिनभर घर पर रहता था। मामले में वह निर्दोष है।

पीड़िता की तबीयत बिगड़ी .
बनारस के बर्न अस्पताल में भर्ती पीड़िता का तबियत शनिवार को अचानक खराब हो गई है। खाना खाने पर उल्टी कर दे रही है। कमजोरी के कारण बातचीत भी नहीं कर रही है। पीड़िता के पिता ने कहा कि समझ में नहीं आता है बेटी को कैसे स्वस्थ किया जाए। अचानक तबियत बिगड़ जाने पर परेशानी बढ़ गई है। .


